उद्धव ठाकरे को शासन का नैतिक अधिकार नहीं, देशमुख के इस्तीफे के बाद भाजपा का आक्रमण तेज

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 05 Apr 2021 7:55 PM

विज्ञापन

नयी दिल्ली : महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देशमुख के इस्तीफे के तुरंत बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) की चुप्पी पर सवाल उठाया है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई बड़े चेहरों पर से पर्दा उठेगा. साथ ही साथ केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने उद्धव ठाकरे से ही इस्तीफे और महाराष्ट्र में राष्टपति शासन की मांग कर दी है.

विज्ञापन
  • रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उद्धव ठाकरे को शासन का नैतिक अधिकार नहीं.

  • अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद भाजपा ने तेज किया आक्रमण.

  • केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की.

नयी दिल्ली : महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देशमुख के इस्तीफे के तुरंत बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) की चुप्पी पर सवाल उठाया है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई बड़े चेहरों पर से पर्दा उठेगा. साथ ही साथ केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने उद्धव ठाकरे से ही इस्तीफे और महाराष्ट्र में राष्टपति शासन की मांग कर दी है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम शुरू से ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती. प्रसाद ने कहा कि 100 करोड़ रुपये की उगाही का मामला बहुत बड़ा है. जांच में यह बात सामने आनी चाहिए कि क्या 100 करोड़ रुपये देखमुख के अकेले का हिस्सा था या वह पूरी सरकार के लिए उगाही कर रहे थे.

उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला बोलते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह तो सब जानते थे कि देशमुख का इस्तीफा शरद पवार के कहने पर ही होगा. लेकिन इतने दिनों तक मुख्यमंत्री खामोश क्यों थे. हमने यह भी सवाल उठाया था कि अगर यह टारगेट केवल मुंबई शहर का है तो पूरे महाराष्ट्र का टारगेट क्या होगा. सचिन वाजे से देशमुख ने कहा था कि मुंबई में 1700 बार और रेस्तरां हैं. आप 100 करोड़ रुपये की वसूली करके दें.

Also Read: दिलीप पाटिल कभी शरद पवार के पीए थे, आज बनने जा रहे हैं महाराष्ट्र के गृह मंत्री

प्रसाद ने आगे कहा कि शरद पवार ने पहले तो कहा था के मंत्रियों पर फैसला लेने का अधिकार मुख्यमंत्री का है. फिर आज शरद पवार के इशारे पर देशमुख का इस्तीफा क्यों हुआ. भाजपा को उम्मीद है कि जांच में पूरा मामला सामने जरूर आयेगा कि देशमुख अपने लिए, अपनी पार्टी के लिए या फिर महाराष्ट्र सरकार के लिए उगाही करते थे.

बता दें कि पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि अनिल देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को हर महीनें 100 करोड़ रुपये की उगाही का टारगेट दिया था. सिंह के इन आरोपों के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीबीआई को 15 दिन के अंदर प्रारंभिक जांच पूरी करने के आदेश दिये हैं. इसके बाद ही सीबीआई देशमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पायेगी. कोर्ट के आदेश के बाद देशमुख ने अपना इस्तीफा दिया है.

Posted By: Amlesh Nandan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola