शिवसेना के ट्विटर हैंडल और वेबसाइट को उद्धव ठाकरे कैंप ने किया डिलीट, जानिए क्यों हट गया ब्लू टिक का निशान

Published by :Pritish Sahay
Published at :20 Feb 2023 12:29 PM (IST)
विज्ञापन
शिवसेना के ट्विटर हैंडल और वेबसाइट को उद्धव ठाकरे कैंप ने किया डिलीट, जानिए क्यों हट गया ब्लू टिक का निशान

शिवसेना को लेकर उद्धव ठाकरे बनाम शिंदे गुट की रस्साकशी में शिंदे गुट को मिली जीत से ठाकरे खेमे में खलबली मची है. उद्धव गुट ने पार्टी के shivsena.in के साथ शिवसेना की वेबसाइट को हटा दिया है. यहीं नहीं उद्धव गुट ने ट्विटर प्रोफाइल का नाम बदलकर अब शिवसेना- उद्धव बालासाहेब ठाकरे कर दिया है.

विज्ञापन

शिवसेना को लेकर उद्धव ठाकरे बनाम शिंदे गुट की रस्साकशी में शिंदे गुट को मिली जीत से ठाकरे खेमे में खलबली मची है. शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और सिंबल मिलने के बाद उद्धव गुट ने शिवसेना का ट्विटर हैंडल और शिवसेना की वेबसाइट दोनों को डिलीट कर दिया है. बता दें, ट्विटर हैंडल और वेबसाइट दोनों ही शिवसेना के नाम से थी. इसे उद्धव ठाकरे गुट हैंडल करता था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को चुनाव आयोग की ओर से पार्टी के नाम और पार्टी चिन्ह पर एकनाथ शिंदे के दावे को मंजूरी देने के बाद से ही ठाकरे कैंप की ओर से पार्टी के ट्विटर हैंडल और वेबसाइट दोनों को डिलीट कर दिया था.

पार्टी ट्विटर से हटा ब्लू टिक: उद्धव गुट ने पार्टी के shivsena.in के साथ शिवसेना की वेबसाइट को हटा दिया है. यहीं नहीं उद्धव गुट ने ट्विटर प्रोफाइल का नाम बदलकर अब शिवसेना- उद्धव बालासाहेब ठाकरे कर दिया है.  सबसे बड़ी बात कि पार्टी का नाम बदलने के कारण शिवसेना के ट्विटर से ब्लू टिक भी अब हट गया है. कुल मिलाकर इस प्रकरण पर शिवसेना उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट के बीच अब सुप्रीम कोर्ट में नये सिरे से जंग शुरू हो गई है.  

Also Read: ED Raid: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं पर ईडी का जोरदार एक्शन, कई ठिकानों पर रेड, कार्रवाई से मचा हड़कंप

सुप्रीम कोर्ट में याचिका: सोमवार को शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने निर्वाचन आयोग के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है. उद्धव गुट ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना मानने और उसे चुनाव चिह्न धनुष और तीर देने के चुनाव आयोग के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई छेड़ दी है. बता दें, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट की याचिका को जल्द सूचीबद्ध करने के लिए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया. हालांकि प्रधान न्यायाधीश ने हालांकि कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है.

भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola