Hunger : देश को सामाजिक तौर पर सशक्त बनाने के लिए भुखमरी और कुपोषण को करना होगा दूर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 29 May 2025 6:56 AM
Hunger Free World
Hunger : साल 2025-26 में कुल 2.50 करोड़ भोजन बांटे जाएंगे, जो पिछले 3 सालों में बांटे गए 2.5 करोड़ भोजन से ज्यादा है. यह काम संयुक्त राष्ट्र के "जीरो हंगर" लक्ष्य के तहत किया जाएगा.
Hunger : स्वास्थ्य, शिक्षा, भूख एवं गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और वंचितों के लिए आवास मुहैया कराने के लिए कई कंपनी कॉरपोरेट रिस्पांसिबिलिटी फंड(सीएसआर) के तहत फंड मुहैया कराती है. इस काम में भारत के अग्रणी व्यापारिक समूह एवं मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की मूल कंपनी मालाबार समूह ने 2025-26 में सीएसआर पहल के तहत 150 करोड़ रुपये आवंटित किया है. यह कंपनी सीएसआर पहल ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ के तहत भारत और जाम्बिया में वंचितों को प्रतिदिन 70 हजार भोजन वितरित करने की प्रतिबद्धता जतायी है. वर्ष 2025-26 में में कुल 2.50 करोड़ भोजन बांटे जाएंगे. यह पिछले 3 सालों में बांटे गए 2.5 करोड़ भोजन के आंकड़ों से अधिक है.यह संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 2- जीरो हंगर के अनुसार है.
इस मौके पर नीति आयोग के पूर्व सीईओ एवं जी-20 शेरपा डॉक्टर अमिताभ कांत ने कहा कि हर साल 28 मई को ही वर्ल्ड हंगर डे मनाया जाता है. अगर भारत से भुखमरी को हटाना है तो माताओं को सशक्त बनाना होगा. क्योंकि कमजोर मां के कारण देश में कमजोर बच्चे पैदा हाे रहे हैं. यह भारत के लिए चिंता की बात है. भारत खाद्य उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर है. कई खाद्य पदार्थ जैसे गेहूं, चावल, फल, सब्जी और अन्य खाद्य उत्पाद को दूसरे देशों में भेजा जाता है. खाद्य उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर होने के बावजूद देश में भुखमरी और कुपोषण एक बड़ी समस्या है.
देश तेज गति से आर्थिक विकास कर रही है और यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि देश का हर नागरिक गुणवत्ता पूर्ण जीवन जी सके. शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के गर्भवती होने से बच्चा पैदा होने तक उचित देखभाल की व्यवस्था होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हर बच्चे का जन्म अस्पताल में हो. बच्चों के उचित देखभाल की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि वह कुपोषण से दूर रहे. इस कार्यक्रम में मालाबार समूह के चेयरमैन एमपी अहमद, मालाबार समूह के वाइस चेयरमैन केपी अब्दुल सलाम और मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के भारतीय परिचालन के मैनेजिंग डायरेक्टर ओ अशर मौजूद रहे.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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