Supreme Court : हाईवे और सड़कों से तुरंत हटाए जाएं आवारा मवेशी, सुप्रीम कोर्ट का आया सख्त आदेश
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 07 Nov 2025 11:52 AM
सुप्रीम कोर्ट (Photo: PTI)
Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने ऑथेरिटी को राजमार्गों पर पाए जाने वाले आवारा पशुओं को हटाने और उन्हें स्पेसिफाइड शेल्टर में ट्रांसफर करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया. जानें कोर्ट ने क्या कहा?
Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई सहित अन्य ऑथेरिटी को निर्देश दिया कि वे राजमार्गों, एक्सप्रेसवे से मवेशियों और अन्य आवारा पशुओं को हटाना सुनिश्चित करें. कोर्ट ने ऑथेरिटी से राजमार्गों के उन हिस्सों की पहचान करने के लिए संयुक्त अभियान चलाने को कहा जहां आवारा पशु अक्सर पाए जाते हैं. शीर्ष कोर्ट ने शैक्षणिक केंद्रों, अस्पतालों जैसी जगहों में कुत्तों द्वारा काटे जाने की बढ़ती घटनाओं पर भी गौर किया.
सुप्रीम कोर्ट ने ऑथेरिटी से सरकारी, प्राइवेट शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों आदि के परिसरों में आवारा कुत्तों का प्रवेश रोकने को कहा. कोर्ट ने ऑथेरिटी को निर्देश दिया कि वे शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों आदि के परिसरों में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को स्पेसिफाइड शेल्टर में ले जाएं. कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में अगली सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की है.
सड़कों से आवारा जानवरों को हटाएं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगमों को निर्देश दिया है कि वे नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के अलावा अन्य सड़कों से आवारा जानवरों को हटाएं. कोर्ट ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष हाईवे पेट्रोल टीम बनानी होगी, जो सड़क पर आवारा जानवरों को पकड़कर सुरक्षित शेल्टर होम में ले जाए, जहां उनकी देखभाल की जाएगी.
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सुप्रीम कोर्ट ने 3 नवंबर को कहा था कि वह उन संस्थानों में कुत्तों के काटने की गंभीर समस्या को रोकने के लिए अंतरिम दिशानिर्देश जारी करेगा, जहां कर्मचारी आवारा कुत्तों को खाना देते हैं और उन्हें रहने की जगह देते हैं. यह मामला कोर्ट 28 जुलाई को एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुन रहा है. रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली में आवारा कुत्तों के काटने से विशेषकर बच्चों में रेबीज फैलने का खतरा बढ़ गया है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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