सुप्रीम कोर्ट से मिली चुनाव आयोग को राहत, मतदान प्रतिशत सार्वजनिक करने की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं को लगा झटका

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 24 May 2024 1:23 PM

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Delhi Pollution | ANI, X

सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को राहत मिली है जबकि मतदान प्रतिशत सार्वजनिक करने की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं को जोरदार झटका लगा है.

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सुप्रीम कोर्ट से भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को राहत मिली है. दरअसल, कोर्ट ने एक एनजीओ की याचिका पर आयोग को लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत के आंकड़े उसकी वेबसाइट पर अपलोड करने के संबंध में कोई निर्देश देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया है. मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मतदान के 5 चरण हो चुके हैं, 2 चरण अभी बचे हुए हैं. ऐसे में चुनाव आयोग के लिए वेबसाइट पर मतदान प्रतिशत के आंकड़े अपलोड करने के काम में लोगों को लगाना मुश्किल होगा.

बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने शुक्रवार को एनजीओ की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें निर्वाचन आयोग को मतदान केंद्र-वार मतदान प्रतिशत आंकड़े वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था. न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि वह फिलहाल ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया जा सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव के पांच चरण संपन्न हो चुके हैं और दो चरण बाकी हैं. पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि अर्जी में किया गया अनुरोध इसी मुद्दे पर 2019 से लंबित मुख्य याचिका के समान हैं.

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निर्वाचन आयोग ने क्या कहा था

इससे पहले जब मामले की सुनवाई हुई थी तो निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि मतदान केंद्र-वार मतदान प्रतिशत के आंकड़े ‘बिना सोचे-समझे जारी करने’ और वेबसाइट पर पोस्ट करने से लोकसभा चुनावों में व्यस्त मशीनरी में भ्रम की स्थिति पैदा होगी जिससे परेशानी का सामना करना पड़ेगा. आयोग ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की याचिका के जवाब में दायर एक हलफनामे में उक्त बातें कही थी.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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