NEET- JEE पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, परीक्षा स्थगित नहीं होगी, छह राज्यों की याचिका खारिज
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 04 Sep 2020 4:08 PM
नयी दिल्ली : NEET-UG और JEE (Mains) परीक्षा को लेकर छह राज्यों के मंत्रियों द्वारा दायर की गयी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सुनने से इनकार कर दिया. छह राज्यों के मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी NEET-UG और JEE (Mains) की परीक्षा पर दोबारा विचार करें लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया है.
नयी दिल्ली : NEET-UG और JEE (Mains) परीक्षा को लेकर छह राज्यों के मंत्रियों द्वारा दायर की गयी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सुनने से इनकार कर दिया. छह राज्यों के मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी NEET-UG और JEE (Mains) की परीक्षा पर दोबारा विचार करें लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया है. 13 सितंबर को आयोजित होने वाली नीट (NEET) परीक्षा तय समय पर होगी.
जेईई (JEE Main) और नीट (NEET) परीक्षाओं को लेकर तीन जजों की बेंच ने फैसला लिया. जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने इस पर विचार करने के बाद छह राज्यों के कैबिनेट मंत्रियों द्वारा परीक्षा पर पुनर्विचार करने की याचिका को खारिज कर दिया.
कई राज्यों में इस परीक्षा को लेकर राजनीतिक पार्टियों के अलग- अलग मत हैं. 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा को लेकर पुर्नविचार याचिका दायर की गयी थी जिसे कोर्ट ने आज खारिज कर दिया. कोरोना संक्रमण की वजह से कई राज्यों के मुखिया इस परीक्षा को टालना चाहते हैं वहीं केंद्र सरकार सुरक्षा के साथ नियमों का पालन करते हुए परीक्षा करवाने के पक्ष में है. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस छह राज्यों के मंत्रियों की याचिका को खारिज कर दिया है.
इन राज्यों के मंत्रियों का परीक्षा को लेकर मानना है कि परीक्षा के आयोजन का निर्णय केंद्र ने जल्दीबाजी में लिया है. जिस तरीके से प्रवासी मजदूरों का मूवमेंट एक समय में बड़े पैमाने पर हुआ, उसकी वजह से कोरोना का संक्रमण भी पूरी देश में फैला. चिंता इस बात की है कि परीक्षा में शामिल होने आ रहे इन बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ क्या होगा?.
झाखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पर चिंता जाहिर करते हुए कहा था, केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखा है कि थोड़ा समय लेकर परीक्षा आयोजित की जाये. हो सके कि इस दौरान कोई दवा आ जाये. अभी ट्रायल चल रहा है. अगर सप्ताह-10 दिन में कोई वैक्सीन आ जाये, तो हो सकता है कि बच्चों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा दिला पायेंगे.
कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी. कहा, अगर केंद्र सरकार जेइइ मेन और नीट लेना ही चाहती है, तो उसे इन परीक्षाओं को सुरक्षित तरीके से आयोजित करने पर राज्य सरकारों से चर्चा करनी चाहिए थी. सरकार इसकी तैयारी में जुटी है कि अगर ये परीक्षाएं होती हैं, तो विद्यार्थियों के लिए इसे कैसे सुरक्षित बनाया जाये.
Posted By : Pankaj kumar Pathak
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