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हिंदूराव अस्पताल में हड़ताल : दिल्ली सरकार ने कहा, हमारे अस्पताल में भेजें

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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन
फाइल फोटो

दिल्ली सरकार ने शनिवार को उत्तरी नगर निगम द्वारा संचालित हिंदू राव अस्पताल के सभी कोविड-19 मरीजों को अपने अस्पतालों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भाजपा शासित निगम पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे संचालन नहीं सकते तो इन्हें निगम के अस्पतालों को आप सरकार को सौंप देना चाहिए.

वहीं, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश ने पलटवार करते हुए दावा किया कि निगम को दिल्ली सरकार से करोड़ों रुपये का कोष नहीं मिल सका है और वे ''हमें असमर्थ करने के लिए कोष का भुगतान नहीं कर रहे हैं.'' दिल्ली सरकार ने मरीजों को स्थानांतरित करने का यह आदेश गत तीन महीने से वेतन नहीं मिलने को लेकर, हिंदू राव अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों की कई दिनों से चल रही ‘सांकेतिक अनिश्चितकालीन हड़ताल' के मद्देनजर दिया है. संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सत्येंद्र जैन ने बताया कि इस समय हिंदूराव अस्पताल में 20 मरीज भर्ती हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘आज हमने कोविड-19 मरीजों को हिंदूराव अस्पताल से हमारे अपने अस्पतालों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया. उन्हें विकल्प होगा कि या तो लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में स्थानांतरित हों या अपने घर के नजदीक किसी अन्य सरकारी अस्पताल में भर्ती हों.'' उल्लेखनीय है कि हिंदूराव दिल्ली नगर निगम का सबसे बड़ा अस्पताल है जिसकी बिस्तरों की क्षमता 900 है और इस समय यह कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए समर्पित है.

पहले अस्पताल के कई स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. हिंदूराव अस्पताल भाजपा नीत उत्तरी दिल्ली नगर निगम के न्यायाधिकार क्षेत्र में आता है. जैन ने ट्वीट कर कहा, '' उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने पिछले कई महीनों से हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों के वेतन का भुगतान नहीं किया है. डॉक्टर कल से हड़ताल पर जा रहे हैं इसलिए इस अस्पताल के सभी कोविड-19 मरीजों को दिल्ली सरकार के अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा रहा है.

निगम को तत्काल डॉक्टरों का वेतन देना चाहिए.'' उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है. वे विभिन्न करों से कमाते हैं और अगर अपने अस्पतालों को चला नहीं सकते तो उन्हें (उत्तर दिल्ली नगर निगम को) इन्हें दिल्ली सरकार को सौंप देना चाहिए.''

जैन ने कहा कि कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टर भी वेतन का मुद्दा उठा रहे हैं और निगम को इसे देखना चाहिए. हिंदूराव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष अभिमन्यु सरदाना ने कहा, '' अब, वे मरीजों को भी ले जा रहे हैं. क्या अधिकारी हमें बिना वेतन के घर में बिठाना चाहते हैं?'' उन्होंने कहा कि इस संकट को सुलझाने के लिए एसोसिएशन ''एक कानूनी रास्ता अपनाने'' पर विचार कर रही है.

अस्पताल के मुख्य द्वार पर शनिवार को डॉक्टरों और नर्सों के समूह ने विरोध-प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. इस बीच, महापौर जयप्रकाश ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को विरोध करने वाले डॉक्टरों से मुलाकात की थी और उन लोगों ने निगम द्वारा कोष की कमी का सामना करने की बात भी समझी थी. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को इस बात का आश्वासन दिया गया कि निगम उनके मुद्दों के समाधान को लेकर काम कर रहा है .

Posted By - Pankaj Kumar Pathak

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