Tejas: दुश्मनों को आसानी से टारगेट बनाएगा भारत, एचएएल को दिया गया 97 तेजस लड़ाकू विमान का ठेका

Edited by Amitabh Kumar
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Tejas: पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मनों को जवाब देने के लिए भारत पूरी तरह से तैयार है. इस बीच रक्षा मंत्रालय ने एचएएल को 97 तेजस लड़ाकू विमान का ठेका दिया है.

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Tejas: दुनिया के कई मोर्चे पर जंग हो रही है. जहां इजराइल और हमास के बीच जंग जारी है. वहीं दूसरी ओर रूस और यूक्रेन भी आपस में लड़ रहे हैं, दोनों देशों में से कोई भी झुकने को तैयार नहीं है. इस बीच दो दुश्मनों से घिरे भारत ने वायुसेना को और मजबूत करने का फैसला किया है. जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की ओर से एचएएल को 97 तेजस लड़ाकू विमान खरीद का ठेका देने का काम किया गया है.

खबरों की मानें तो रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के लिए 97 हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए एमके-1ए) तेजस खरीदने का ठेका दिया है. यह ठेका एयरोस्पेस क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को दिया गया है. इन लड़ाकू विमानों की अनुमानित कीमत 67,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

तेजस विमान की खास बातें

  • तेजस विमान की बात करें तो यह हवाई युद्ध और आक्रामक हवाई सहायता मिशनों के लिए काफी अहम है.
  • टोही और जहाज-रोधी अभियान तेजस को और खास बनाता है.
  • 6,500 किलोग्राम के इस हल्के तेजस लड़ाकू विमान में इजरायल का रडार लगाया गया है.
  • तेजस विमान एक साथ 10 टारगेट को ट्रैक करने के साथ हमला करने में सक्षम है.
  • तेजस विमान को टेकऑफ के लिए ज्यादा बड़े रनवे की जरूरत नहीं होती है.

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गौर हो कि नवंबर में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने भारतीय वायु सेना के लिए 97 और तेजस विमान खरीदने की परियोजना को स्वीकृति देने का काम किया था. भारत के दो पड़ोसी देश यानी पाकिस्तान और चीन की टेढ़ी नजर हमेशा रहती है. यही वजह है कि सरकार सेना को और मजबूत कर रही है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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