Solar Eclipse : अब ऑन डिमांड लगेगा सूर्य ग्रहण, सेटेलाइट रोक देगी सूर्य की रोशनी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 06 Dec 2024 2:48 PM
सेटेलाइट रोक देगी सूर्य की रोशनी
Solar Eclipse : इसरो के पीएसएलवी ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के दो उपग्रहों को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया. इसके बाद सूर्य के स्टडी में बहुत मदद मिलेगी. जानें कैसे.
Solar Eclipse : इसरो ने पीएसएलवी-सी59 रॉकेट के जरिए यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के प्रोबा-3 मिशन को सफलतापूर्वक लॉच किया है. इसकी वजह से अंतरिक्ष में कृत्रिम सूर्य ग्रहण का नजारा दिखेगा. सेटेलाइट सूर्य की रोशनी को रोक देगी. पृथ्वी पर सूर्य ग्रहण औसतन प्रत्येक 18 महीने में होता है. यह कुछ ही मिनट तक रहता है. ऐसे में सौर वैज्ञनिक को रिसर्च करने के लिए पूरी दुनिया का चक्कर लगाना पड़ता है. प्रोबा-3 में ऑन डिमांड सूर्य ग्रहण लगाने की क्षमता होगी.
सूर्य की फायरी डिस्क को ब्लॉक करके, प्रोबा-3 का ‘ऑकुल्टर’ अंतरिक्ष यान एक पूर्ण सूर्य ग्रहण की तरह नजारा बना देगा. इससे सूर्य के धुंधले आस-पास के वातावरण या ‘कोरोना’ की स्टडी आसानी से की जा सकेगी. वैज्ञानिक सूर्य के बाहरी, अत्यधिक गर्म गैसीय वातावरण की स्टडी करेंगे. सामान्यतः, सूर्य ग्रहण की स्थिति में ही वैज्ञानिक इस वातावरण की स्टडी करने में सक्षम होते हैं. इस दौरान, मौसम की अनिश्चितताओं जैसे बारिश का सामना भी करना पड़ता है, जिससे अक्सर परेशानी आती है.
आदित्य एल-1 के बाद प्रोबा-3 देगा सूर्य की जानकारी
प्रोबा-3 के पहले आदित्य एल-1 को सितंबर 2023 में प्रक्षेपित किया गया था. इसने सूर्य की जानकारी उपलब्ध करवाई. प्रोबा-3 सूर्य के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देगा.
Read Also : PROBA 3 Spacecraft: इसरो ने लॉन्च किया प्रोबा-3 मिशन, उठेगा कई रहस्यों से पर्दा, जानिए खास बातें
कोरोना सूर्य से भी ज्यादा गर्म
ऑकुल्टर में 1.4 मीटर की ऑक्ल्टरिंग है. यह सूर्य के प्रकाश को रोकने के लिए बनाई गई है. यह 150 मीटर की दूरी पर लगभग 8 सेमी चौड़ी छाया बनाती है. जिससे कोरोनाग्राफ को वैज्ञानिक अवलोकन के लिए सूर्य के कोरोना या आसपास के वातावरण की स्टडी की जा सके. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि कोरोना सूर्य से भी ज्यादा गर्म है.
मिशन सफल रहा: इसरो
लॉचिंग के बाद इसरो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. इसमें उसने कहा, ‘‘मिशन सफल रहा. इसके बाद अंतरिक्ष एजेंसी को बधाई देने वालों का तांता लग गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










