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आधा भारत नहीं जानता SMS के पीछे S, P, G या T का मतलब, जान लिया तो बच जाएंगे स्कैम से

Updated at : 22 Aug 2025 12:18 AM (IST)
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SMS Scam Alert

मोबाइल पर एसएमएस चेक करता व्यक्ति, फोटो AI

SMS Scam Alert: दुनिया में जितनी तेजी से ऑनलाइन बाजार बढ़ता जा रहा है, उतनी ही तेजी से स्कैम के मामले बढ़ते जा रहे हैं. आये दिन ऑनलाइन धोखाधड़ी के केस हो रहे हैं. स्कैमर्स लोगों को आसानी से जाल में फंसा लेते हैं और चंद सेकंड में अकाउंट खाली कर देते हैं. हालांकि सरकार की ओर से हमेशा इसको लेकर लोगों को जागरूक किया जाता रहा और बताया जाता है कि कभी भी एक-दूसरे से अपनी निजी जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी आदि शेयर नहीं करना चाहिए. इसके बावजूद लोग धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं. इस आर्टिकल में आपको SMS से जुड़ी बेहद खास जानकारी देने वाले हैं. अगर आप एसएमएस को पहचान लेंगे, तो स्कैम से बच सकते हैं.

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SMS Scam Alert: बदलते दौर में मोबाइल फोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है. मोबाइल फोन चलता-फिरता बैंक है. जिसमें हमारी सारी जानकारी होती है. बैंक से लेकर निजी जीवन की हर वो जानकारी जिसके लीक होने से सब कुछ क्षण भर में लूट सकता है. वैसी स्थिति में हमें सजग और जागरूक रहने की जरूरत है. एक छोटी से गलती जीवन तबाह कर सकता है. आपको यहां हम SMS से जुड़ी, छोटी मगर बेहद खास जानकारी देने वाले हैं. जिसे जानने के बाद एसएमएस से जुड़े फ्रॉड से आप बच सकते हैं. हम अपने मोबाइल फोन के मैसेज बॉक्स को हमेशा चेक करते रहते हैं. लेकिन उस पर गौर नहीं करते. कहां से आया या फिर भेजने वाला कौन है? बस देखा और छोड़ दिया या फिर डिलीट कर दिया. लेकिन आपके मैसेज बॉक्स पर आये मैसेज में बेहद खास कोड लगे होते हैं, जिसे हर नागरिक को जानना चाहिए.

मैसेज के पीछे लगे कोड का मतलब जानें

G – अगर मैसेज के अंदर G लिखा हुआ है, तो ये सरकार की ओर से भेजा गया मैसेज है.
S – अगर मैसेज के अंदर S लिखा हुआ है, तो ये सर्विस रिलेटेड मैसेज है. जैसे बैंक से आए ओटीपी या फिर अकाउंट की जानकारी भेजी गई है.
T – अगर मैसेज के पीछे T लिखा हो तो ये बैंकिंग ट्रांजेक्शन का मैसेज है. जैसे डेबिट या क्रेडिट का अलर्ट.
P – अगर मैसेज के पीछे P लिखा हुआ है तो ये एक प्रमोशनल मैसेज है. जैसे सेल्स, ऑफर्स या एड.

फ्रॉड मैसेज की कैसे होगी पहचान

अगर मैसेज के पीछे कुछ नहीं लिखा हुआ है तो यहां आपको अलर्ट होने की जरूरत है. क्योंकि ये मैसेज स्कैमर्स की ओर से भेजा गया हो सकता है. यहां एक सवाल उठता है कि स्कैमर्स भी तो अपने मैसेज में ये सारे कोड लगा सकते हैं. लेकिन इसका जवाब है, नहीं. क्योंकि इसके लिए उन्हें TRAI के DLT यानी distributed ledger technology पर रजिस्टर कराना होता है. जो स्कैमर्स नहीं कर सकते हैं.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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