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स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेताओं को राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार की महिला उत्पीड़न पर बोलने की चुनौती दी

Updated at : 26 Jul 2023 2:41 PM (IST)
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Smiriti Irani

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संसद में जारी गतिरोध के बीच बुधवार को लोकसभा में मणिपुर हिंसा पर सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी जिस पर चर्चा की तिथि बाद में तय की जाएगी. सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई द्वारा पेश इस प्रस्ताव को लोकसभा ने चर्चा के लिए स्वीकृति प्रदान की.

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मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेताओं को बड़ी चुनौती दे डाली है. राज्यसभा में बुधवार को केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस सदस्य अमी याग्निक एवं अन्य महिला नेताओं को चुनौती दी कि वे राजस्थान, छत्तीसगढ़ एवं बिहार में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार एवं बलात्कार की घटनाओं पर बोलने का साहस दिखाएं?

अमी याग्निक ने मणिपुर मुद्दे पर ईरानी को घेरने की कोशिश की, जिसपर केंद्रीय मंत्री ने किया पलटवार

अमी याग्निक ने प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न पूछते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी से जानना चाहा कि वह और मंत्रिमंडल में उनकी महिला सहयोगी मणिपुर के मुद्दे पर कब बोलेंगी? इसके जवाब में स्मृति ने कहा कि वह इस बात पर घोर आपत्ति व्यक्त करती हैं. उन्होंने कहा कि न केवल महिला मंत्रियों बल्कि महिला राजनीतिक नेताओं को भी मणिपुर के साथ ही छत्तीसगढ़, राजस्थान एवं बिहार में होने वाली घटनाओं पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए. उन्होंने प्रश्न किया कि क्या वह (कांग्रेस सदस्य याग्निक) इन राज्यों में महिलाओं पर हुए अत्याचार की घटनाओं पर बोलने का माद्दा रखती है?

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कांग्रेस नेता के वहां जाने के बाद मणिपुर जलने लगा : ईरानी

केंद्रीय मंत्री ने कहा, क्या आपके भीतर माद्दा एवं साहस है कि आप छत्तीसगढ़ के बारे में बोलें? क्या आपमें साहस है कि आप राजस्थान के बारे में बोले? क्या आपमें साहस है कि आप बिहार के बारे में बोलें? क्या आपमें साहस है कि आप लाल डायरी के बारे में बोलें? उन्होंने सवाल किया कि उनमें इस बारे में बात करने का साहस कब होगा कि एक कांग्रेस नेता के वहां जाने के बाद मणिपुर जलने लगा. स्मृति ने कहा, क्या आपमें इतना साहस है कि आप कांग्रेस शासित राज्यों में होने वाली बलात्कार की घटनाओं के बारे में बोलें? उन्होंने कांग्रेस सदस्य को नसीहत दी कि यदि वह इन घटनाओं पर नहीं बोल सकतीं तो उन्हें केंद्र की महिला मंत्रियों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाना चाहिए.

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कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को लोकसभा ने दी मंजूरी, चर्चा की तिथि तय होगी बाद में

संसद में जारी गतिरोध के बीच बुधवार को लोकसभा में मणिपुर हिंसा पर सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी जिस पर चर्चा की तिथि बाद में तय की जाएगी. सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई द्वारा पेश इस प्रस्ताव को लोकसभा ने चर्चा के लिए स्वीकृति प्रदान की. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वह सभी दलों के नेताओं से बातचीत करके इस पर चर्चा की तिथि के बारे में अवगत कराएंगे. लोकसभा में शून्यकाल के दौरान बिरला ने कहा, मुझे सदन को सूचित करना है कि गौरव गोगोई से नियम 198 के तहत मंत्रिपरिषद में अविश्वास प्रस्ताव का अनुरोध प्राप्त हुआ है.

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