Sambhal Violence: शाही जामा मस्जिद सर्वे मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, शुक्रवार को CJI की बेंच करेगी सुनवाई

Published by : Pritish Sahay Updated At : 28 Nov 2024 10:31 PM

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Atul Subhash Suicide

Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद प्रबंधन समिति ने मस्जिद के सर्वेक्षण के लिए स्थानीय अदालत के 19 नवंबर के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. संभल जामा मस्जिद की याचिका पर CJI जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच कल करेगी सुनवाई.

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Sambhal Violence: संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. मस्जिद कमेटी की अर्जी पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजीव कुमार की बेंच मामले की सुनवाई करेगी. बीते हफ्ते संभल निचली अदालत ने मस्जिद का सर्वेक्षण कराने का आदेश पारित किया था. निचली अदालत में याचिका दायर कर दावा किया गया था कि चंदौसी में शाही जामा मस्जिद का निर्माण मुगल शासक बाबर ने वहां मौजूद एक मंदिर को तोड़कर करवाया था.

मस्जिद कमेटी ने दायर की है याचिका

मस्जिद कमेटी ने अपनी याचिका में कहा है कि 19 नवंबर को निचली अदालत ने बिना मस्जिद कमेटी का पक्ष सुने एक तरफा सर्वे का फैसला दे दिया था. कोर्ट ने सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर भी नियुक्त कर दिया. मस्जिद कमेटी की याचिका में कहा गया है कि एडवोकेट कमिश्नर उसी दिन सर्वे के लिए आ गये. इसके बाद 24 नवंबर को फिर सर्वे हुआ. इस दौरान स्थानीय लोग घरों से निकल गये. भीड़ के उग्र हो जाने के बाद पुलिस ने फायरिंग कर दी. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गई थी. 25 लोग जख्मी हो गए थे.

हमें तथ्य पेश करें, हम कार्रवाई करेंगे- मंडलायुक्त

इसी कड़ी में मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त औंजनेय कुमार सिंह ने कहा है कि हिंसा मामले चार लोगों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि चार लोगों का पोस्टमार्टम हो चुका है. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का इलाज मुरादाबाद में चल रहा है. मंडलायुक्त ने एक सवाल के जवाब में कहा कि किसकी गोली से लोगों की मौत हुई इसपर कई आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि दावा करने वाले तथ्य पेश करें हम तथ्यों के आधार पर बात कर रहे हैं. हमें तथ्य पेश करें, हम कार्रवाई करेंगे.

वहीं, यह पूछे जाने पर कि क्या कल संभल की शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ी जाएगी. इसपर मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त ने कहा कि हर जगह नमाज हमेशा की तरह पढ़ी जाएगी. हालांकि उन्होंने कहा कि हमने अपील की है कि लोग कम संख्या में आएं तो बेहतर है.  उन्होंने कहा कि मस्जिद समिति भी इस बात से सहमत है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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