ePaper

Sambhal Mosque Survey : निचली अदालत नहीं ले कोई एक्शन, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

Updated at : 29 Nov 2024 12:33 PM (IST)
विज्ञापन
supreme court hearing Sambhal Mosque

supreme court hearing Sambhal Mosque

Sambhal Mosque Survey : संभल मस्जिद सर्वे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने इलाके में शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.

विज्ञापन

Sambhal Mosque Survey : उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद के सर्वे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि निचली अदालत इस मामले में कोई एक्शन नहीं ले. मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बिना कुछ भी नहीं किया जाए. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से यह भी पूछा कि वह सुप्रीम कोर्ट आने से पहले हाई कोर्ट क्यों नहीं गए ?

शीर्ष कोर्ट ने आदेश दिया कि सर्वेक्षण रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा जाए. कोर्ट ने मामले को लंबित रखा. मामले की सुनवाई 6 जनवरी, 2025 को तय की.

मस्जिद की प्रबंधन समिति ने किस आदेश को चुनौती दी

शाही जामा मस्जिद की प्रबंधन समिति ने शीर्ष कोर्ट में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के आदेश को चुनौती दी है. इस आदेश में मुगलकालीन मस्जिद के सर्वे की अनुमति दी गई थी. हिंदु पक्ष का दावा है कि इस मस्जिद का निर्माण एक हिंदू मंदिर को नष्ट करके किया गया था. मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने शुक्रवार को विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई की.

जुमे की नमाज के पहले संभल में प्रशासन अलर्ट

इस बीच, उत्तर प्रदेश के संभल में जुमे की नमाज के पहले प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया. जामा मस्जिद के गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं. इलाके में ड्रोन से निगरानी की जा रही है. संभल में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के बाहर सुरक्षा तैनात की गई है क्योंकि कोर्ट द्वारा नियुक्त एएसआई टीम आज शाही जामा मस्जिद पर सर्वेक्षण पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

मस्जिद कमेटी ने अपनी याचिका में क्या कहा?

मस्जिद कमेटी की याचिका में कहा गया है कि मस्जिद 16वीं शताब्दी से अस्तित्व में थी. मुस्लिम लगातार इसका इस्तेमाल पूजा स्थल के रूप में करते रहे हैं, लेकिन आठ वादियों द्वारा मुकदमा दायर किए जाने के बाद मामले को जल्दबाजी में निपटा दिया गया. इनका कहना है कि इस मस्जिद को ‘श्री हरि हर मंदिर’ को नष्ट करने के बाद बनाया गया था. याचिका में कहा गया है कि यह वाद 19 नवंबर को प्रस्तुत किया गया था. उसी दिन ट्रायल कोर्ट ने एकपक्षीय आदेश दिया. इसमें मस्जिद के सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया था.

Read Also : संभल के जामा मस्जिद का क्या है सच ? जानिए क्या है इतिहासकारों की राय

आदेश के दो घंटे के भीतर सर्वे हुआ शुरू

मस्जिद प्रबंधन ने कहा कि आदेश के दो घंटे के भीतर, एडवोकेट कमिश्नर, वादी के वकील और पुलिस बल सर्वे करने के लिए मस्जिद पहुंच गए. सर्वे शाम 6 बजे शुरू हुआ और रात 8.30 बजे तक जारी रहा. टीम 24 नवंबर की सुबह दूसरे सर्वे के लिए पहुंची और नमाज के लिए मस्जिद में मौजूद नमाजियों से परिसर छोड़ने को कहा.

Read Also : Sambhal Shahi Jama Masjid : जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हंगामा, किया गया पथराव, लाठीचार्ज

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola