Ram Nath Kovind: आजीवन लुटियन दिल्ली के आलीशान बंगले में रहेंगे रामनाथ कोविंद, जानिए कितनी मिलेगी पेंशन

Ram Nath Kovind: राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल खत्म होने के बाद रामनाथ कोविंद सोमवार को लुटियन दिल्ली के बंगले में चले गए, जहां वह आजीवन रहेंगे. उन्हें ढाई लाख रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी.
Ram Nath Kovind: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 25 जुलाई 2022 को कार्यकाल खत्म हो गया. 25 जुलाई 2017 को राष्ट्रपति भवन में उन्होंने अपना कार्यकाल शुरू किया था. राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल खत्म होने के बाद रामनाथ कोविंद सोमवार को लुटियन दिल्ली के बंगले में चले गए, जहां वह आजीवन रहेंगे. उन्हें ढाई लाख रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी.
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एक निजी सचिव, एक अपर निजी सचिव, एक निजी सहायक, दो चपरासी, और कार्यालय खर्च के तौर पर प्रति वर्ष 1 लाख रुपये तक के हकदार हैं. राष्ट्रपति का वेतन और पेंशन अधिनियम, 1951 के अनुसार राष्ट्रपति को सेवानिवृत्त के बाद मुफ्त चिकित्सीय परिचर्या और उपचार की सुविधा मिलती है और भारत में कहीं भी एक व्यक्ति के साथ वायुयान, रेल या स्टीमर द्वारा उच्चतम श्रेणी की यात्रा के वह हकदार होते हैं.
भारत के राष्ट्रपति को हर महीने पांच लाख रुपये मिलते हैं. अधिनियम के अनुसार, कोई पूर्व राष्ट्रपति, जो अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद या इस्तीफा देकर पद छोड़ देता है, उसे अपने शेष जीवन के लिए प्रति माह राष्ट्रपति के वेतन के 50 प्रतिशत की दर से पेंशन मिलती है. रामनाथ कोविंद, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टाइप-आठ बंगला के हकदार हैं और उन्हें 12-जनपथ का बंगला आवंटित किया गया है, जहां लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रमुख रामविलास पासवान रहते थे.
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद के बंगले के पड़ोस में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी होंगी, जो 10 जनपथ में रहती हैं. साल 1951 के अधिनियम के अनुसार, सेवानिवृत्त राष्ट्रपति अपने शेष जीवन के लिए किराए के भुगतान के बिना एक सुसज्जित आवास, दो टेलीफोन, राष्ट्रीय रोमिंग सुविधा वाला एक मोबाइल फोन और एक कार, या कार लेने के लिए भत्ता के हकदार होंगे. कानून के मुताबिक, यदि राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाती है या इस्तीफा देते हैं अथवा कार्यकाल पूरा हो जाता है तो राष्ट्रपति के जीवनसाथी शेष जीवन के लिये उस पेंशन के, जो सेवानिवृत्त राष्ट्रपति को मिलती है, 50 प्रतिशत की दर से पारिवारिक पेंशन के हकदार होंगे.
राष्ट्रपति के जीवनसाथी भी अपने शेष जीवन के लिए नि:शुल्क चिकित्सा देखभाल और उपचार के हकदार होते हैं. ऐसे जीवनसाथी लाइसेंस शुल्क के भुगतान के बिना सुसज्जित आवास (इसके रखरखाव सहित) के उपयोग के हकदार होंगे. वह एक निजी सचिव और एक चपरासी के साथ सचिवीय कर्मचारी और प्रति वर्ष 20,000 रुपये तक के कार्यालय खर्च के भी हकदार हैं. जीवनसाथी काफी हद तक सेवानिवृत्त राष्ट्रपति की तरह, एक मुफ्त टेलीफोन और एक कार, या अपने शेष जीवन के लिए इस तरह के कार भत्ते के हकदार हैं, और उन्हें एक साथी या एक रिश्तेदार के साथ देश में कहीं भी हवाई, रेल, स्टीमर द्वारा 12 शीर्ष श्रेणी की एकल यात्रा की अनुमति है.
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