1. home Hindi News
  2. national
  3. raj kundras arrest know the indian law tell about making porn movies in india smb

पोर्नोग्राफी को लेकर भारत में क्या है कानून, जिस मामले में फंस गए शिल्पा के पति राज कुंद्रा

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Raj Kundra Case latest update
Raj Kundra Case latest update
twitter

Raj Kundra News मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने अश्लील फिल्म मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया. मुंबई पुलिस का दावा है कि राज कुंद्रा की कंपनी लंदन स्थित एक कंपनी के लिए भारत में अश्लील सामग्री का निर्माण कर रही थी. कारोबारी राज कुंद्रा की गिरफ्तारी के बाद भारत में पॉर्नोग्राफी से जुड़े नियम कानूनों को लेकर चर्चा होने लगी है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा के खिलाफ जिन आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनमें धारा 420, धारा 34, 292 और 293 और आईटी एक्ट की धारा 67, 67ए व अन्य संबंधित धाराएं शामिल है. जिनमें उन्हें आरोपी बनाया गया है. इनमें आईपीसी की धारा 420 और आईटी एक्ट की धारा 6ए गैर जमानती हैं. दोषी करार दिए जाने पर राज कुंद्रा को 5 से 7 साल तक कैद की सजा हो सकती है.

क्या है आईपीसी धारा 292

आईपीसी की धारा 292 के अनुसार, हर उस चीज को चाहे वो कोई पर्चा हो, कलात्मक प्रस्तुति हो, आकृति या पुस्तक हो, जो कामुक पाए जाते हैं, उन्हें अश्लील माना जाएगा. आगे कहा गया है कि इनमें से कोई भी चीज कामुक रुचि के लिए अपील करती हो, तो उसे भी अश्लीलता की श्रेणी में रखा जाएगा. कानून के मुताबिक, अगर इसका प्रभाव उन व्यक्तियों को भ्रष्ट करता है, जो ऐसी सामग्री को पढ़ने व देखने या सुनने की संभावना रखते हैं, तो ये अश्लीलता की श्रेणी में ही आएगा. साथ ही अश्लील सामग्री की बिक्री, संचालन, आयात व निर्यात और विज्ञापन के साथ साथ इसके माध्यम से लाभ कमाना भी अपराध है.

क्या है आईपीसी धारा 293

आईपीसी की धारा 293 लोगों के उम्र से संबंधित है. इससे मुताबिक बीस साल से कम आयु के लोगों में ऐसी सामग्री की बिक्री या प्रसार और सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील कृत्यों और गीतों को भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है. राज कुंद्रा के मामले में भी ऐसा ही किया गया है. आरोप है कि अश्लील सामग्री को ऐप पर अपलोड किया गया था.

क्या कहता है आईटी अधिनियम की धारा 67

कोई भी सामग्री जो कामुक है या विवेकपूर्ण हित के लिए अपील करती है या यदि इसका प्रभाव ऐसा है जो भ्रष्ट करने के लिए है, जो भी इसे प्रकाशित या प्रसारित करता है या इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशित या प्रसारित करने का कारण बनता है, उन्हें दंडित किया जाएगा. बता दें कि भारत में अश्लील सामग्री बनाना प्रतिबंधित है. सरकार ने हाल के दिनों में इससे जुड़े कई साइटों पर बैन लगा दिया है.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें