Lok Bhawan: देश के आठ राज्यों के राजभवन के बदले नाम, अब कहलाएंगे लोक भवन

Published by : Pritish Sahay Updated At : 02 Dec 2025 9:55 PM

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Lok Bhawan

Lok Bhawan: केंद्र सरकार के निर्देश पर आठ राज्यों के राजभवनों का नाम बदलकर लोक भवन कर दिया गया है. इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल के निवास-कार्यालय को अब लोक निवास कहा जाएगा. केंद्र सरकार का कहना है कि ऐसा करने का मकसद है औपनिवेशिक मानसिकता को दूर करना. तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा के राज भवनों के नाम बदले गए हैं.

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Lok Bhawan: देश के आठ राज्यों के राजभवन अब लोक भवन के नाम से जाने जाएंगे. मोदी सरकार ने औपनिवेशिक काल की पहचान मिटाने के लिए राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन किया है. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के राजभवन के नाम बदलकर लोक भवन कर दिया है. इसी कड़ी में लद्दाख के उपराज्यपाल के निवास-कार्यालय को अब लोक निवास कहा जाएगा. यह बदलाव गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक निर्देश के बाद हुआ है. पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, तमिलनाडु, केरल, असम, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा के राजभवन के नाम बदले गए हैं.

छत्तीसगढ़ में राजभवन का नाम बदलकर हुआ लोक भवन

छत्तीसगढ़ में राज्यपाल के शासकीय निवास का नाम राजभवन से बदलकर लोकभवन करने का फैसला किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राजभवन अब लोकभवन के नाम से जाना जाएगा. भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार राज्यपाल के सचिव डॉक्टर सीआर प्रसन्ना ने राजभवन का नाम परिवर्तित कर लोकभवन करने का आदेश जारी कर दिया है. राज्यपाल के सचिव ने बताया कि राज्यपालों के सम्मेलन-2024 में राजभवनों का नाम बदलकर लोक भवन करने का सुझाव दिया गया था. इसी के अनुरूप गृह मंत्रालय की ओर से जारी पत्र के परिपालन में अब से सभी शासकीय प्रयोजनों के लिए राजभवन का नाम लोकभवन के नाम से पढ़ा और लिखा जाएगा.

तेलंगाना राजभवन का भी बदला नाम

तेलंगाना के राज्यपाल के आधिकारिक आवास राजभवन का नाम भी मंगलवार को बदलकर लोक भवन कर दिया गया है. राज्यपाल कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि अब से राजभवन, तेलंगाना को लोक भवन, तेलंगाना के नाम से जाना जाएगा. विज्ञप्ति में कहा गया कि यह कदम हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों की शक्ति और जीवंतता को दोहराने के लिए उठाया गया है, क्योंकि हम आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत की ओर अग्रसर हैं.

राजस्थान का राजभवन अब हो गया लोकभवन

राजस्थान के राजभवन को भी अब लोकभवन के नाम से जाना जाएगा. इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है. लोक भवन के बयान के अनुसार राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की ओर से जारी आदेशों के अंतर्गत राजभवन को अब लोकभवन के नाम से जाना जाएगा. राज्यपाल बागडे की पहल पर इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है. एक दिसम्बर 2025 से यह अधिसूचना प्रभावी रहेगी. राज्यपाल ने बयान में कहा कि औपनिवेशिक मानसिकता से लोकतांत्रिक भारतीय संस्कृति की ओर आगे बढ़ने की दिशा में लोकभवन नामकरण बहुत बड़ी पहल है.

राजपथ को भी किया गया था कर्तव्य पथ

नाम बदलने को लेकर सरकार का तर्क है कि हर नाम, हर इमारत और हर प्रतीक अब एक सरल विचार की ओर इशारा करते हैं कि सरकार सेवा के लिए है. सरकार ने हाल ही में राजपथ को बदलकर कर्तव्य पथ किया था. प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास का नाम 2016 में बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया था. अधिकारियों के मुताबिक यह नाम कल्याण का बोध कराता है, न कि विशिष्टता का. केन्द्रीय सचिवालय का नाम कर्तव्य भवन है, जो एक विशाल प्रशासनिक केंद्र है, जिसका निर्माण इस विचार के इर्द-गिर्द किया गया है कि सार्वजनिक सेवा एक प्रतिबद्धता है. अधिकारियों ने कहा ये बदलाव एक गहरे वैचारिक परिवर्तन का प्रतीक हैं. भारतीय लोकतंत्र सत्ता की बजाय जिम्मेदारी और पद की बजाय सेवा को चुन रहा है. (भाषा इनपुट)

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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