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हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर जारी, देखते ही देखते ढह गया मकान, अबतक 50 से ज्यादा लोगों की मौत

Updated at : 15 Aug 2023 10:22 PM (IST)
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हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर जारी, देखते ही देखते ढह गया मकान, अबतक 50 से ज्यादा लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, बादल फटने और भारी बारिश के कारण मकान ढहने जैसी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 55 हो गयी है. हिमाचल प्रदेश के शिमला के कृष्णा नगर इलाके में भूस्खलन के बाद कई घर ढह गए. हादसे के बाद बचाव अभियान जारी है.

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हिमाचल प्रदेश के शिमला में क्षतिग्रस्त शिव मंदिर से मंगलवार को दो और शव बरामद होने के बाद समर हिल तथा फागली में भूस्खलन के बाद मिले शवों की संख्या बढ़कर 16 हो गयी है. उन्होंने बताया कि भूस्खलन, बादल फटने और भारी बारिश के कारण मकान ढहने जैसी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 55 हो गयी है. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि शिमला के समरहिल और फागली में 10 से अधिक लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है. वहीं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, पुलिस तथा राज्य आपदा मोचन बल समेत सेना के जवान सुबह करीब छह बजे से समरहिल में बचाव अभियान फिर से शुरू किया.

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार से अब तक बरामद कुल 16 शवों में से 11 शिव मंदिर से बरामद किए गए और पांच फागली से बरामद किए गए है. उन्होंने बताया कि शिव मंदिर वाली जगह पर 10 और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है लेकिन इस संख्या की पुष्टि नहीं की गयी है. सोमवार सुबह करीब सवा सात बजे जब मंदिर में भूस्खलन हुआ तो सावन महीने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां मौजूद थे. इस बीच, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने भारी बारिश से हिमस्खलन होने तथा सड़कों के बाधित हो जाने के मद्देनजर अध्यापन गतिविधियां निलंबित कर दी हैं.

यहां समर हिल के समीप भूस्खलन की चपेट में 50 मीटर लंबा पुल आ जाने के कारण, यूनेस्को विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी. स्टेशन मास्टर जोगिंदर सिंह ने बताया कि शिमला से करीब छह किलोमीटर पहले समर हिल के पास कंक्रीट का पुल पूरी तरह नष्ट हो गया और पांच से छह जगहों पर रेल मार्ग को क्षति पहुंची है. सबसे अधिक नुकसान शिमला एवं शोघी के बीच हुआ है. वहीं, राज्य में 12 में से 11 जिलों में 857 सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है. साथ ही 4285 ट्रांसफार्मर और 889 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं.

राहत और बचाव अभियान जारी

इधर, भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने बारिश को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में राहत अभियान शुरू किया. विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों से 150 से अधिक नागरिकों को बचाया गया. चिनूक हेलीकॉप्टर ने भूस्खलन निकासी के लिए अंडरस्लंग लोड ले जाने के लिए भी उड़ान भरी. वहीं, शिमला के एसपी संजीव गांधी ने कहा है कि अत्यधिक बारिश के कारण भूस्खलन के बाद कुछ घर ढह गए हैं. कुछ निवासियों के फंसे होने की आशंका है. एम्बुलेंस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राज्य और जिला पुलिस मौके पर हैं.नुकसान की मात्रा अभी तक नहीं है.

इधर हादसे के बाद से ही प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है. शिमला के एसपी संजीव गांधी ने कहा कि हमारा प्राथमिक ध्यान अधिक से अधिक लोगों को बचाने पर है. अब तक एक मौत की सूचना मिली है. सभी एजेंसियां ​​लोगों को बचाने के लिए काम कर रही हैं. लगभग 10 से 15 घरों को खाली करा लिया गया है और सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि संपत्ति का कितना नुकसान हुआ है अभी तक यह पता नहीं चल पाया है. हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के शिमला के कृष्णानगर इलाके का दौरा भी कर चुके हैं. बता दें, भूस्खलन के कारण कई घर ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई.

भूस्खलन के कारण कई घरे ढहे

हिमाचल प्रदेश के शिमला के कृष्णा नगर इलाके में भूस्खलन के बाद कई घर ढह गए. हादसे के बाद बचाव अभियान जारी है. वहीं स्थानीय पार्षद और प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमने घरों में कुछ दरारें देखीं जिसके बाद अन्य लोग भी मौके पर एकत्र हुए. उन्होंने कहा कि हमने देखा कि दरारें बढ़ रही थीं और निवासियों से अपने घर खाली करने का अनुरोध किया. जिसके बाद अचानक से पूरा का पूरा घर ढह गया. लगभग 20 से 25 घरों को खाली करा लिया गया है और लगभग 50 लोगों को बचाया गया है और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.


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हिमाचल प्रदेश के एडीजी, कानून एवं व्यवस्था अभिषेक त्रिवेदी ने कहा कि आईटीबीपी, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और अन्य सभी टीमें मौके पर मौजूद हैं. वहां बहुत सारा मलबा है, क्योंकि ऊपर से गिरा मलबा नगर निगम के अव्यवस्था वाले घर पर गिरा है. जो क्षेत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. हमें लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पहले से ही दरारें पड़ गई हैं. लगभग 40 से 50 लोगों को निकाला गया लेकिन हमें लगभग 5 से 10 लोगों के फंसे होने की आशंका है. बचाव अभियान जारी है.

भाषा इनपुट से साभार

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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