Manipur Violence: दो दिवसीय दौरे पर मणिपुर पहुंचे राहुल गांधी, पीड़ितों से करेंगे मुलाकात
मणिपुर में तीन मई को शुरू हुई हिंसा के बाद से कांग्रेस नेता का पूर्वोत्तर के इस राज्य का पहला दौरा है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, इंफाल पहुंचने के बाद राहुल गांधी चूड़ाचांदपुर जाएंगे जहां वह राहत शिविरों का दौरा करेंगे.
कांग्रेस नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर मणिपुर पहुंच चुके हैं. मणिपुर दौरे पर राहुल गांधी राहत शिविरों में जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों से मुलाकात करेंगे और नागरिक समाज के संगठनों से बातचीत करेंगे.
हिंसा के बाद किसी भी कांग्रेस नेता का यह पहला दौरा
मणिपुर में तीन मई को शुरू हुई हिंसा के बाद से कांग्रेस नेता का पूर्वोत्तर के इस राज्य का पहला दौरा है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, इंफाल पहुंचने के बाद राहुल गांधी चूड़ाचांदपुर जाएंगे जहां वह राहत शिविरों का दौरा करेंगे. इसके बाद वह विष्णुपुर जिले में मोइरांग जाएंगे और विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे. उन्होंने कहा, राहुल गांधी शुक्रवार को इंफाल में राहत शिविरों का दौरा करेंगे और बाद में नागरिक समाज के कुछ संगठनों से बातचीत करेंगे.
#WATCH | Congress leader Rahul Gandhi leaves for Manipur from his residence in Delhi
Rahul will be in Manipur on June 29 and 30 during which he will visit relief camps and interact with civil society representatives in Imphal and Churachandpur. pic.twitter.com/DuZLWQSR2L
— ANI (@ANI) June 29, 2023
मणिपुर हिंसा में अबतक 100 से अधिक लोगों की मौत
मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में अभी तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद मणिपुर में हिंसक झड़पें हुई हैं. इस साल मई में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से 300 से अधिक राहत शिविरों में करीब 50,000 लोग रह रहे हैं.
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मणिपुर में मेइती समुदाय की जनसंख्या सबसे अधिक
मणिपुर की 53 प्रतिशत आबादी मेइती समुदाय की है और यह मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है. वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत है और यह मुख्यत: पर्वतीय जिलों में रहती है.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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