पंजाब सरकार ने 424 माननीयों की सिक्योरिटी हटाई, बटालियनों में वापस भेजे जाएंगे सुरक्षा बलों के जवान

Updated at : 28 May 2022 12:49 PM (IST)
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पंजाब सरकार ने 424 माननीयों की सिक्योरिटी हटाई, बटालियनों में वापस भेजे जाएंगे सुरक्षा बलों के जवान

सरकार के आदेश के बाद राजनेताओं, अधिकारियों और धार्मिक गुरुओं की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को आज यानी शनिवार को अपनी-अपनी बटालियनों में जाकर रिपोर्ट करना होगा.

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चंडीगढ़ : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 424 माननीयों (अतिविशिष्ट व्यक्ति) की सुरक्षा को वापस ले लिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पंजाब की मान सरकार ने धार्मिक गुरु, राजनेता और रिटायर्ड पुलिस अफसरों की सुरक्षा को वापस लेने का निर्णय किया है. अभी पिछले अप्रैल महीने में ही पंजाब सरकार ने करीब पूर्व मंत्री, पूर्व विधायकों और नेताओं समेत करीब 184 लोगों की सुरक्षा हटा दी थी. इस दौरान, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रनिंदर सिंह और कांग्रेस के विधायक प्रताप सिंह बाजवा की पत्नी की सुरक्षा हटा दी थी. बताया यह भी जा रहा है कि इन माननीयों की सुरक्षा वापस लेने के बाद सिक्योरिटी फोर्सेज के जवानों को उनकी बटालियन में वापस भेज दिया जाएगा.

सुरक्षा वापस लेने से पहले समीक्षा बैठक

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब की भगवंत मान सरकार ने जिन लोगों की सुरक्षा वापस ली है, उनमें अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, सिंगर सिद्धू मूसेवाला, शिअद के वरिष्ठ नेता चरण जीत सिंह ढिल्लो भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि सुरक्षा वापस लेने से पहले सरकार ने एक एक समीक्षा बैठक की थी. इसमें विचार-विमर्श किया गया था कि क्या 424 लोगों को सुरक्षा की जरूरत है. समीक्षा बैठक के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा में कटौती के आदेश जारी किए हैं. सुरक्षा को वापस लिए जाने का एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि पंजाब पुलिस में पहले से ही कर्मचारियों की कमी चल रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की कमी को पूरा करना मुश्किल जा रहा है.

बटालियन वापस लौटेंगे सुरक्षाकर्मी

रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि सरकार के आदेश के बाद राजनेताओं, अधिकारियों और धार्मिक गुरुओं की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को आज यानी शनिवार को अपनी-अपनी बटालियनों में जाकर रिपोर्ट करना होगा. बताया यह जा रहा है कि पंजाब सरकार ने राज्य में पुलिसकर्मियों की भारी कमी की वजह से यह फैसला किया है. सरकार का मानना है कि इन अतिविशिष्ट लोगों की सुरक्षा के तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस बुलाने के बाद के बहुत हद तक इस समस्या से निबटा जा सकता है. इसका कारण यह है कि इन नेताओं की सुरक्षा में लगभग 200 से भी ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे.

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अप्रैल में 184 लोगों की हटी थी सुरक्षा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले भी अप्रैल महीने में सरकार ने 184 लोगों की सुरक्षा हटा ली थी. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व मंत्री सहित कई विधायक शामिल थे.इनमें अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, गुरदर्शन बराड़, आईपीएस गुरदर्शन सिंह और उदयबीर सिंह (पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के बेटे) के परिवार और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके परिवार के सदस्यों को भी वीआईपी सुरक्षा मिली थी. इसके साथ ही पंजाब सरकार ने पूर्व कैबिनेट मंत्रियों सुरजीत सिंह रखड़ा और बीबी जागीर कौर, तोता सिंह (शिरोमणि अकाली दल मोगा), कांग्रेस के पूर्व सांसद वरिंदर सिंह बाजवा, संतोष चौधरी और कांग्रेस के पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा की सुरक्षा भी वापस लेने के आदेश दिए थे.

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