जिन्हें रंग से परहेज होली में घर पर रहें, पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 26 Feb 2026 2:11 PM
गोंडा के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (गोल घेरे में/ Photo: X)
Video : रमजान के दौरान होली को लेकर गोंडा में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ने सख्त हिदायत है. नीचे पढ़ें वीडियो वायरल होने के बाद मुस्लिम समुदाय ने क्या कहा.
रमजान के दौरान होली के त्यौहार की तैयारियों के बीच गोंडा जिले में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस राधेश्याम राय ने हिदायत दी है कि जिन्हें रंग से परहेज है वे होली के दिन अपने घर में ही रहें. होली पर्व को शांति और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले की कर्नलगंज कोतवाली में आयोजित शांति समिति की बैठक में पुलिस प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है. बैठक को संबोधित करते हुए राधेश्याम राय ने कहा कि जिन्हें रंगों से परहेज है या जो होली नहीं खेलना चाहते, वे त्योहार के दिन एहतियातन अपने घरों में ही रहें.
सोशल मीडिया पर वायरल हो गया वीडियो
बैठक में विभिन्न समुदाय के लोगों के समक्ष अपनी बात रखते हुए राय ने कहा कि होली मस्ती का त्यौहार है. यह त्यौहार नहीं देखता कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान, ईसाई या सिख. यह बस देखता है कि होली है. सामने हमारा भाई है और हम उस पर रंग डालेंगे. उन्होंने कहा कि रंग डालते समय आमतौर पर सिर्फ एक ही बात कही जाती है- बुरा न मानो होली है. तीन दिन पूर्व हुई एक बैठक का एक वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर आया जिसे लेकर लोग कमेंट कर रहे हैं.
होली मस्ती और प्रेम का त्यौहार है.
— अनुज शर्मा (@AnujSharma128) February 25, 2026
जिसे होली से परेशानी है, वह घर से ही ना निकले .#Gonda#Holihttps://t.co/9i7hWPTBQG
राधेश्याम राय ने बैठक में कहा कि त्यौहार के दिन कुछ लोग ‘हैप्पी मूड’ में रहते हैं, जिन्हें उस वक्त समझाना संभव नहीं होता है. इसलिए जिन लोगों को रंग से आपत्ति हो, उनका घर से न निकलना ही सबसे सेफ ऑप्शन है. उन्होंने होली खेलने की समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उल्लास दोपहर 12 बजे तक रहता है और दो बजे तक रंग पूरी तरह से बंद हो जाता है.
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गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करें
पवित्र रमजान माह और होली एक ही समय पर होने के मद्देनजर राय ने मुस्लिम समुदाय से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करने की अपील की. उन्होंने कहा कि शाम के वक्त जब सब गले मिलते हैं तो इस बार मुस्लिम भाई हिंदू पड़ोसियों द्वारा लाई गई गुझिया से ही अपना रोजा खोलकर सौहार्द का संदेश दे सकते हैं. बैठक में मौजूद मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारी की इस सौहार्दपूर्ण अपील का स्वागत किया. स्थानीय निवासी नसीब अली ने राय की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि यह आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए बहुत अच्छी कोशिश है. गुझिया से रोजा खोलने की इस पहल से समाज में किसी को भी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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