तुर्की के हालात पर भावुक हुए पीएम मोदी, 2001 के भुज के भूकंप को किया याद

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :07 Feb 2023 2:36 PM (IST)
विज्ञापन
तुर्की के हालात पर भावुक हुए पीएम मोदी, 2001 के भुज के भूकंप को किया याद

संसद के चल रहे बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले मंगलवार की सुबह भाजपा संसदीय दल की बैठक में सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए. उनहोंने 2001 में भुज में आए विनाशकारी भूकंप को याद किया.

विज्ञापन

नई दिल्ली : तुर्की और सीरिया को हिला देने वाले भूकंप में हजारों लोगों की मौत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को भावुक हो गए. उन्होंने 2001 में गुजरात के भुज में आए भूकंप को याद किया, जिसमें हजारों को लोगों की जान चली गई थी और जानमाल की काफी क्षति हुई थी.

संसदीय दल की बैठक में हुए भावुक

सूत्रों के मुताबिक, संसद के चल रहे बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले मंगलवार की सुबह भाजपा संसदीय दल की बैठक में सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए. उन्होंने 2001 में भुज में आए विनाशकारी भूकंप को याद किया. उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने बचाव कार्यों के लिए आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया.

तुर्की और सीरिया में 7.8 तीव्रता का भूकंप

प्रधानमंत्री मोदी ने तुर्की और सीरिया में 7.8 तीव्रता वाले भूकंप के बाद आपदा प्रभावित देश को भारत सरकार द्वारा प्रदान की जा रही मानवीय सहायता का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि तुर्की जिस दौर से गुजर रहा है, उसे वह भली-भंति समझ सकते हैं. उन्होंने कहा कि 2001 में गुजरात के कच्छ जिले के भुज में एक भीषण भूकंप आया, जिसमें 20,000 से अधिक लोग मारे गए और 1.5 लाख से अधिक लोग घायल हो गए. भूकंप ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया.

Also Read: Earthquake: तुर्की-सीरिया में भारी तबाही के बाद अब न्यूयॉर्क में भूकंप के झटके, टूट गया 40 साल का रिकॉर्ड
भूकंप से 4,372 लोगों की मौत

सोमवार तड़के तुर्की और सीरिया में 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद कम से कम 4,372 लोगों के मारे जाने की खबर है और हजारों लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों और एजेंसियों के अनुसार, सीरिया में करीब 1,451 लोगों की मौत हो गई है और करीब 3,531 लोग घायल हो गए हैं. इसके साथ ही दोनों देशों में हजारों इमारतें ढह गई हैं. सहायता एजेंसियां उत्तर-पश्चिमी सीरिया के बारे में अधिक चिंतित हैं, जहां 4 मिलियन से अधिक लोग पहले से ही मानवीय सहायता पर निर्भर थे. भूकंप सौ से अधिक वर्षों में इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाले सबसे अधिक शक्तिशाली भूकंपों में से एक है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola