PFI बैन के बाद RSS पर भी नकेल कसने की मांग, आजादी से अब तक 14 संगठनों पर लगे प्रतिबंध

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PFI बैन के बाद RSS पर भी नकेल कसने की मांग, आजादी से अब तक 14 संगठनों पर लगे प्रतिबंध

Meerut: Members of PFI arrested by ATS and police, in Meerut, Saturday, Sept. 24, 2022. (PTI Photo) (PTI09_24_2022_000154B)

देश की आजादी से लेकर अब तक तीन बार RSS को भी बैन किया जा चूका है. नाथूराम गोडसे द्वारा साल 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद RSS को प्रतिबंधित कर दिया गया था. दूसरी बार 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाए जाने के बाद और तीसरी बार 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंश के बाद भी प्रतिबंध लगा था.

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केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा PFI पर पर पांच साल के लिए बैन लगाए जाने के बाद केरल में विपक्षी कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को भी बैन करने की मांग कर दी है. उन्होंने कहा है कि PFI पर बैन का सरकार के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं , लेकिन हम RSS को भी बैन करने की मांग करते हैं. केरल से कांग्रेस सांसद के सुरेश ने कहा कि PFI को बैन करना कोई उपाय नहीं है. PFI और RSS एक समान है और RSS भी देश में हिन्दू साम्प्रदायिकता फैला रही है. इसलिए RSS को भी बैन कर देना चाहिए.

आजादी से अब तक तीन बार RSS को किया बैन

देश की आजादी से लेकर अब तक तीन बार RSS को भी बैन किया जा चूका है. नाथूराम गोडसे द्वारा साल 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद RSS को प्रतिबंधित कर दिया गया था. दूसरी बार 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाए जाने के बाद और तीसरी बार 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंश के बाद भी RSS पर प्रतिबंध लगा था. इन तीनों ही बार RSS के खिलाफ कोई साक्ष्य ना होने के कारण सरकार ने बैन हटा दिया.

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PFI सहित 14 संगठन प्रतिबंधित

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आकड़ों की प्रतिबंधित सूची में अब PFI का नाम भी शामिल हो गया है , इससे पहले गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के धारा 3 के तहत 13 संगठन प्रतिबंधित थे. इन 14 नामों की सूचि में सिमी (SIMI) , उल्फा (ULFA ), नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (NDFB), ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स(ATTF ), नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (NLFT), लिबरेशन टाइगर ऑफ तमिल एलाम (LTTE), नेशनल सोशलिस्ट कॉउंसिल ऑफ नागालैण्ड (NSCN – KHAPLANG), इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF), जमात – ए – इस्लामी (JeL), जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF), मेइटी एक्सट्रेमिस्ट आर्गेनाइजेशन मणिपुर , हैनीट्रेप नेशनल लिबरेशन कॉउंसिल (HNLC), सिख फॉर जस्टिस (SFJ) और पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के नाम शामिल है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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