नहीं रहे प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र, साल 2014 में पीएम मोदी के लिए किया था ये खास काम
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Oct 2025 7:22 AM
पंडित छन्नूलाल मिश्रा के निधन पर पीएम मोदी का आया रिएक्शन
Pandit Chhannulal Mishra Passed Away : हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान कलाकार पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन हो गया. सुबह करीब चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. आजमगढ़ में जन्मे पंडित जी ने ठुमरी और पुरब अंग की गायकी को अपनी खास शैली से जीवंत किया. उनके निधन पर जानें पीएम मोदी ने क्या कहा?
Pandit Chhannulal Mishra Passed Away : भारतीय शास्त्रीय संगीत के दिग्गज गायक पंडित छन्नूलाल मिश्रा का निधन हो गया. गुरुवार सुबह 4:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनका बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के मेडिकल इंस्टीट्यूट में उनका इलाज चल रहा था. उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर गुरुवार को किया जाएगा. उनकी बेटी नम्रता मिश्रा ने फोन पर न्यूज एजेंसी ANI को उनके निधन की जानकारी दी.
सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे जीवनपर्यंत भारतीय कला और संस्कृति की समृद्धि के लिए समर्पित रहे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही भारतीय परंपरा को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में भी अपना अमूल्य योगदान… pic.twitter.com/tw8jb5iXu7
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2025
साल 2014 में वे वाराणसी सीट से पीएम मोदी के प्रस्तावक थे
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा,’’सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. वे जीवनपर्यंत भारतीय कला और संस्कृति की समृद्धि के लिए समर्पित रहे. उन्होंने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही भारतीय परंपरा को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया. यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सदैव उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा. साल 2014 में वे वाराणसी सीट से मेरे प्रस्तावक भी रहे थे. शोक की इस घड़ी में मैं उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं. ओम शांति!‘’
आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर गांव में पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म हुआ
पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त 1936 को हुआ. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर गांव में उनका जन्म हुआ. उन्हें संगीत की शुरुआती शिक्षा उनके पिता बदरी प्रसाद मिश्र से मिली. इसके बाद उन्होंने किराना घराने के उस्ताद अब्दुल घनी खान से शास्त्रीय संगीत सीखा. मशहूर तबला वादक पंडित अनोखेलाल मिश्र के घर के वे दामाद बने. काशी से जुड़े पंडित छन्नूलाल ने अपनी गहरी और भावपूर्ण आवाज से ठुमरी और पुरब अंग की गायकी को खास पहचान दी.
यह भी पढ़ें : पंडित छन्नूलाल मिश्र को मिला पद्म विभूषण, नाम की यह खास उपलब्धि
कई सम्मान मिल चुके हैं पंडित छन्नूलाल मिश्र को
पंडित छन्नूलाल मिश्र ने अपने संगीत सफर में कई उपलब्धियां हासिल कीं. उन्हें 2010 में पद्मभूषण और 2020 में पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया. इसके अलावा वे सुर सिंगार संसद, बॉम्बे का ‘शिरोमणि पुरस्कार’, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, बिहार संगीत शिरोमणि पुरस्कार और नौशाद अवॉर्ड जैसे कई सम्मान भी अपने नाम कर चुके हैं. भारत सरकार ने उन्हें संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप से सम्मानित किया. शास्त्रीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले पंडित मिश्र ने फिल्मों में भी अपनी आवाज दी. साल 2011 में प्रकाश झा की फिल्म ‘आरक्षण’ में उन्होंने ‘सांस अलबेली’ और ‘कौन सी डोर’ जैसे गीत गाए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










