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'विपक्ष के पास न नेता है, न नीति और नीयत', विपक्ष की बैठक पर जेपी नड्डा ने कसा तंज

Updated at : 17 Jul 2023 5:56 PM (IST)
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'विपक्ष के पास न नेता है, न नीति और नीयत', विपक्ष की बैठक पर जेपी नड्डा ने कसा तंज

अवसरवादियों का ऐसा गठबंधन भारत के वर्तमान और भविष्य के लिये अच्छा नहीं है. नरेंद्र मोदी का 2024 तक कोई दूसरा विकल्प नहीं है. विपक्ष की बैठक को लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि उनके पास न नेता है, न नीति और नीयत... जानें विपक्ष की बैठक पर क्या बोले भाजपा नेता

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संयुक्त विपक्ष की बैठक के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेता राहुल गांधी बेंगलुरु पहुंच चुके हैं. कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया. इधर, बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक पर भाजपा के रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अवसरवादियों और सत्ता के भूखे नेताओं की बैठक होने जा रही है. अवसरवादियों का ऐसा गठबंधन भारत के वर्तमान और भविष्य के लिये अच्छा नहीं है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए दिल्ली में रहने के बजाय विपक्ष की बैठक में शामिल होने के लिए बेंगलुरु जा रहे हैं.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बंगाल हिंसा में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ साथ वामपंथियों और कांग्रेस के भी कार्यकर्ता मारे गये. लेकिन बंगाल हिंसा पर कांग्रेस और सीताराम येचुरी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं. दिल्ली में बाढ़ में डूबे लोगों पर, बंगाल में लोकतंत्र की हत्या, तानाशाही और निरंकुशता पर कांग्रेस और CPI एवं CPM खामोश हैं. अब यही अवसरवादी गठबंधन बेंगलुरु में मिल रहा है. इधर, विपक्ष की बैठक पर राष्ट्रीय लोक जनता दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नरेंद्र मोदी का 2024 तक कोई दूसरा विकल्प नहीं है. जनता के सामने जब एक ठोस एजेंडा लेकर बात न की जाए तब तक कहां से कोई विकल्प दिखेगा.

विपक्षी दलों की एकजुटता पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि एक तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘जांचा परखा हुआ’ नेतृत्व है और दूसरी तरफ कांग्रेस का ‘छल का खंजर’ है. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि एनडीए एक आदर्श गठबंधन है जो सत्ता के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करने और भारत को मबजूत करने के लिए है. विपक्ष के पास न नेता है, न नीति और नीयत है तथा न ही निर्णय लेने की ताकत है.

26 समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल बैठक में शामिल

आपको बता दें कि विपक्ष की बैठक में कुल 26 समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल भी शामिल हो रहे हैं. राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बेंगलुरु में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने के लिए कुछ देर पहले पटना हवाईअड्डे से रवाना हुए. नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला कर्नाटक के बेंगलुरु में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं. पीडीएफ प्रमुख मेहबूबा मुफ्ती भी विपक्ष की बैठक में शामिल होंगी.

अरविंद केजरीवाल पर भाजपा हमलावर

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी बेंगलुरु में होने वाली विपक्ष की बैठक में शामिल होंगे. भाजपा ने सीएम केजरीवाल पर निशाना साधा है. भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए दिल्ली में रहने के बजाय विपक्ष की बैठक में शामिल होने के लिए बेंगलुरु जा रहे हैं. उन्हें अभी दिल्ली के लोगों के साथ रहना चाहिए था. आपको बता दें कि देश की राजधानी में यमुना का जल स्तर बढ़ने के बाद कई इलाके डूब गये थे. इसके बाद भाजपा ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर जोरदार हमला किया था.

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक में आएंगी नजर

विपक्षी दल की बैठक पर सीताराम येचुरी (सीपीआई-एम) ने कहा कि देश का धर्मनिरपेक्ष, जनतंत्र और गणराज्य चरित्र है तो इस चरित्र को बरकरार करना जरूरी है और आज इस चरित्र पर मोदी सरकार के चलते हमला हो रहा है तो इससे बचने के लिए मोदी सरकार या बीजेपी को हटाना होगा. ये मुद्दा बैठक में महत्वपूर्ण होगा. गौर हो कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने जा रही हैं. उनके साथ तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी नजर आएंगे. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एमके स्टालिन और पार्टी सांसद टीआर बालू विपक्ष की बैठक के लिए बेंगलुरु पहुंच चुके हैं.

विपक्ष की बैठक और दिल्ली अध्यादेश के बारे में क्या बोले पवन खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा है कि इन दोनों चीजों(विपक्ष की बैठक और दिल्ली अध्यादेश) का कोई संबंध नहीं है. कांग्रेस पार्टी हमेशा संघीय ढांचें की रक्षा में खड़ी रही है. कांग्रेस पार्टी हमेशा भाजपा द्वारा राज्यपाल और उपराज्यपाल के दुरुपयोग का विरोध करती आयी है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अब सवाल बदलना चाहिए क्योंकि पिछले 9 साल में देश चेहरे का शिकार हुआ है. अब सवाल होना चाहिए कि मुद्दे क्या होंगे?… मैं दावे के साथ ये कह सकता हूं कि नरेंद्र मोदी कल्ट पॉलिटिक्स के आखिरी उदाहरण होंगे क्योंकि उन्होंने लोगों को परेशान कर दिया है.

अखिलेश यादव ने क्या कहा

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि पटना के बाद बेंगलुरु में बैठक होने जा रही है और भाजपा को 2/3 जनता हराने जा रही है. मुझे उम्मीद है कि देश की जनता इस बार भाजपा को बुरी तरह हराकर भेजेगी.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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