LokSabha Election 2024: विपक्ष के महाजुटान का 18 जुलाई को जवाब देगा NDA, जानिए किसमें कितना है दम…

लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए विपक्ष एकजुट हो रहा है. पहले पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर 15 विपक्षी दल एक मंच पर आये और अब बेंगलुरु में 24 पर्टियां 17 जुलाई को जुट रही हैं.
Opposition-Meeting : साल 2024 देश के लिए बहुत ही अहम है, क्योंकि इस वर्ष में लोकसभा का चुनाव होना है और देश को एक नयी सरकार मिलेगी. सत्ता पर काबिज बीजेपी सरकार एक ओर जहां पूरी ताकत के साथ अपनी कुर्सी को जमाये रखना चाहती है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष उसकी कुर्सी हथियाने की रणनीति बनाने में जुटा है. लोकसभा चुनाव से पहले इस साल के अंत में चार राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होना है, यही वजह है कि देश के सभी राजनीतिक दल रेस हैं.
लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए विपक्ष एकजुट हो रहा है. पहले पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर 15 विपक्षी दल एक मंच पर आये और अब बेंगलुरु में 24 पर्टियां 17 जुलाई को जुट रही हैं. विपक्ष की यह महा बैठक 17 और 18 जुलाई को आयोजित की गयी है. बैठक बहुत ही खास है क्योंकि इस बैठक में तमाम दिग्गज जुट रहे हैन. विपक्ष का मनोबल बढ़ाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी बेंगलुरु बैठक का हिस्सा बनेंगी. तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी भी इस बैठक में अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ शामिल होंगी.
वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी एनडीए भी अपने कुनबे को संजोने में जुटा है. इतना ही नहीं 18 जुलाई को बेंगलुरु में ही आयोजित होने वाली एनडीए की बैठक में वे पार्टियां भी शामिल होंगी जो नाराज होकर कुछ समय पहले सरकार का साथ छोड़कर चली गयीं थीं. बताया जा रहा है कि एनडीए की कुल 19 पार्टियां इस बैठक में शामिल होंगी. इस बैठक का उद्देश्य जहां एकजुटता का प्रदर्शन करना है वहीं विपक्ष को यह बताना भी है कि आप कितनी भी कोशिश कर लो हमें सत्ता से हिला पाना इतना आसान नहीं है.
कहना ना होगा कि लोकसभा चुनाव के दंगल से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खुद को मजबूत और एकजुट दिखाने में जुटा है. अब इस सच से भी देश के नागरिक अवगत हैं कि राजनीतिक दल जो दिखाते हैं वो सच होता नहीं है. ऐसे में देश का हर नागरिक यह जानना चाहता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में वो जिसके लिए अपना कीमती वोट खर्च करेगा, दरअसल उसकी नीतियां क्या है और वह किस तरह देश को विकास के रास्ते पर लेकर जायेगा. साथ ही हर वोटर यह भी जानना चाहता है कि जिस गठबंधन को वो वोट करेगा, उसकी ताकत क्या है और वे कितना एकजुट हैं. तो आइए जानने की कोशिश करते हैं कि विपक्ष के महागठबंधन और एनडीए की ताकत क्या है-
NDA की स्थापना 1998 में गैरकांग्रेसी दलों को एकजुट करने के लिए हुई थी. वर्तमान में इसके 19 सदस्य हैं और लोकसभा में इनमें से प्रमुख पार्टियों की स्थिति कुछ इस प्रकार है-
बीजेपी -303
शिवसेना-18
लोकजनशक्ति पार्टी-6
अकाली दल-2
अपना दल-2
आजसू-1
एनडीपीपी-1
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी-1
एनडीए की इन पार्टियों को लोकसभा में सीटें प्राप्त हैं, जबकि उसकी कुछ और सहयोगी पार्टियां भी हैं, जिन्हें पिछले लोकसभा चुनाव में जीत नहीं मिली थी. इनमें प्रमुख हैं असम गण परिषद, लोकसमता पार्टी एवं हिंदुस्तान अवाम मोर्चा.
विपक्ष के महागठबंधन पर सत्तापक्ष लगातार हमलावर रहा है और यह कहता रहा है कि विपक्ष का महागठबंधन महज स्वार्थी लोगों का एक ग्रुप है जहां सब के सब अपना हित साधने के लिए इकट्ठे हुए हैं. बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक से पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि विपक्ष इसे महागठबंधन बता रहा है लेकिन दरअसल यह कोई गठबंधन नहीं है इनका एक मात्र उद्देश्य है पीएम मोदी को सत्ता से हटाना. लेकिन इनका यह सपना सच होने वाला नहीं है क्योंकि जीरो से अगर जीरो को जोड़ा जायेगा तो नतीजा सिफर ही रहेगा.
वहीं महागठबंधन में शामिल प्रमुख पार्टियाां 24 हैं, जिनमें से प्रमुख पार्टियों की स्थिति इस प्रकार हैं-
कांग्रेस-52
टीएमसी -22
जदयू -16
डीएमके -23
समाजवादी पार्टी -5
नेशनल काॅन्फ्रेंस-3
सीपीआई-2
सीपीआईएम-3
महागठबंधन की बैठक को लेकर विपक्ष बहुत ही उत्साहित है और कह रहा है कि इस बार की बैठक में बीजेपी को सत्ताच्युत करने का पूरा रोडमैप तैयार हो जायेगा. यहां तक कि नेतृत्व को लेकर भी सत्तापक्ष की ओर से जो सवाल किये जा रहे हैं उनके जवाब में महागठबंधन कर रहा है कि वो कोई मसला ही नहीं है और ना ही विवाद. जबकि सच्चाई यह है कि महागठबंधन में कई एेसे नेता हैं जो महत्वाकांक्षी हैं और अगर परिस्थितियां उनके अनुकूल रही तो वे पीएम पद की दावेदारी कर सकते हैं. शरद पवार, ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, लालू यादव और अरविंद केजरीवाल इसी श्रेणी के नेता हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










