भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार, जनरल उपेंद्र द्विवेदी बोले- फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 30 May 2026 6:02 PM

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जनरल द्विवेदी, फोटो पीटीआई

Operation Sindoor 2.0: थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सशस्त्र बल ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

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Operation Sindoor 2.0: जनरल द्विवेदी ने कहा कि सेना के तीनों अंग उस मॉडर्न मल्टीडायमेंशनल वारफेयर (Modern Multidimensional Warfare) चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी समन्वय को और मजबूत कर रहे हैं, जो अब केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं रह गया है.

पाकिस्तान के साथ फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम : जनरल द्विवेदी

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड के अवसर पर जनरल द्विवेदी ने कहा- फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम है, लेकिन यदि अगला चरण शुरू होता है तो उससे निपटने के लिए तीनों सेनाएं पूरी तैयारी कर रही हैं. गौरतलब है कि भारत ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मई 2025 में पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी.

ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी : जनरल द्विवेदी

जनरल द्विवेदी ने कहा, जहां तक ऑपरेशन सिंदूर का सवाल है, यह अब भी जारी है. फिलहाल अस्थायी संघर्षविराम है. भारतीय सेना और सेना के तीनों अंग ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयारियां कर रहे हैं, यदि इसे अंजाम देने की स्थिति बनती है. उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्धों पर अंतरिक्ष, साइबर और मनोवैज्ञानिक एवं सूचना-आधारित युद्ध जैसे उभरते क्षेत्रों का प्रभाव लगातार बढ़ेगा.

अत्यंत सतर्क रहना होगा : सेना प्रमुख

सेना प्रमुख ने कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्र बेहद पारदर्शी हो चुके हैं. लगभग हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है, ऐसे में सैन्य योजनाकारों को सैनिकों की तैनाती तथा उनकी सुरक्षा को लेकर अत्यंत सतर्क रहना होगा. उन्होंने कहा, आज की स्थिति में युद्धक्षेत्र 24 घंटे निगरानी में रहता है. यह इतना पारदर्शी हो गया है कि हर गतिविधि दूसरे पक्ष को दिखाई देती है. इसलिए हमें अपनी तैनाती, अपने संसाधनों के उपयोग और अपने सैनिकों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को लेकर अत्यंत सतर्क रहना होगा.

जीत हमेशा दिमाग में होती है, जमीन पर नहीं : जनरल द्विवेदी

जनरल द्विवेदी ने कहा कि भविष्य के संघर्षों में जनविश्वास और राष्ट्रीय एकता की भूमिका निर्णायक बनी रहेगी. उन्होंने कहा, जीत हमेशा दिमाग में होती है, जमीन पर नहीं. इसलिए सूचना युद्ध तभी सफल होता है, जब पूरा देश एकजुट हो और उन लोगों पर भरोसा करे जो जानकारी दे रहे हैं. यदि ऐसा होता है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वह राष्ट्र, जिसके लोग एक-दूसरे और सभी हितधारकों पर विश्वास करते हैं, हमेशा युद्ध जीतेगा. थलसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के दृढ़ संकल्प और सशस्त्र बलों की संतुलित, सटीक और उद्देश्यपूर्ण जवाब देने की क्षमता को प्रदर्शित किया. इस अभियान ने एकीकृत योजना, वास्तविक समय की खुफिया जानकारी, सटीक लक्ष्यभेदन, मजबूत वायु रक्षा, सुरक्षित संचार और विभिन्न क्षेत्रों के बीच तालमेल के महत्व को रेखांकित किया. जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना आधुनिकीकरण और परिवर्तन की आवश्यकता को पूरी तरह समझती है. उन्होंने कहा, हम परिवर्तन के दशक के तहत स्वयं को भविष्य के लिए तैयार बल में बदल रहे हैं, जिसमें युवा पीढ़ी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी.

हर सैनिक के हाथ में एक ईगल होना चाहिए : जनरल द्विवेदी

जनरल द्विवेदी ने कहा- इंडस्ट्री ड्रोन बटालियन, दिव्यास्त्र बैटरी, शक्तिमान रेजिमेंट, भैरव बटालियन और अन्य प्रौद्योगिकी-सक्षम संरचनाओं का गठन इसी परिवर्तन प्रक्रिया का हिस्सा है. जनरल ने कहा कि अगला बड़ा कदम नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता है, जहां डेटा एक रणनीतिक संसाधन बन जाएगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज, बुद्धिमत्तापूर्ण और लचीली होगी. ड्रोन और अन्य स्वदेशी हथियारों के उपयोग पर उन्होंने कहा कि पदभार संभालने के बाद से वह लगातार ईगल ऑन द आर्म की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा, इसका मतलब है कि हर सैनिक के हाथ में एक ईगल होना चाहिए. हर सैनिक में ड्रोन उड़ाने की क्षमता होनी चाहिए. आपने देखा होगा कि हमारी अकादमी और अन्य केंद्रों में इसके लिए प्रशिक्षण जारी है और सिमुलेटर भी उपलब्ध हैं.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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