Operation Sindoor: एयर फोर्स के 50 से भी कम मिसाइलों से पाकिस्तान हो गया था ढेर, एयर मार्शल का सबसे बड़ा खुलासा

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 30 Aug 2025 9:32 PM

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एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने शनिवार को बड़ा खुलासा कर दिया है. उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर 50 से भी कम मिसाइल दागे गए. इसी में 10 मई की दोपहर तक इस्लामाबाद को संघर्ष रोकने का अनुरोध करना पड़ा.

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Operation Sindoor: एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि 9 और 10 मई की मध्य रात्रि पाकिस्तान के हमले के बाद किए गए हमलों के साथ भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सेना पर जीत हासिल कर ली थी. उन्होंने आगे कहा- ‘‘मैं आपको बताना चाहूंगा कि यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी कि 50 से भी कम अस्त्रों में हम पूर्ण प्रभुत्व हासिल करने में सक्षम रहे. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.’’

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने अपनी तैयारियों का किया टेस्ट : एयर मार्शल

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी ने कहा कि मिशन के दौरान जिन पाकिस्तानी ठिकानों को नष्ट किया गया, उनमें से कुछ ऐसे थे जो 1971 के युद्ध के दौरान भी नष्ट नहीं हुए थे. उन्होंने कहा, ‘‘हमने हर अस्त्र का इस्तेमाल किया और इससे हमारे योजनाकारों, मिशन को अंजाम देने वाले लोगों की क्षमता का पता चलता है.’’

भारत और पाकिस्तान के बीच 4 दिन तक हुई थी भीषण झड़प

भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था. दोनों देशों के बीच 4 दिन तक भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के साथ समाप्त हुईं.

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की क्षमता को किया गया नष्ट : एयर मार्शल

एयर मार्शल तिवारी ने कहा कि भारत 7 मई को तड़के पाकिस्तानी आतंकी ढांचे पर हमला करने के बाद स्थिति को और बिगाड़ने का इच्छुक नहीं था. उन्होंने कहा, ‘‘हमें जवाब की उम्मीद थी और हमने उसे संतुलित रखा, और हमने सिर्फ सैन्य ठिकानों पर ही हमला किया. लेकिन जब 9-10 मई की रात को मुख्य हमला हुआ, तो हमने तय किया कि हमें सही संदेश देना होगा. हमने उन्हें चौतरफा निशाना बनाया.’’ वायुसेना अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसे लक्ष्य थे जिन्हें नष्ट किया गया, जिन्हें 1971 के युद्ध के दौरान भी नष्ट नहीं किया जा सका था. हमने उन्हें इस प्रकार की क्षमता और क्षति पहुंचाई है.’’ उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने अपने हमलों को केवल सैन्य लक्ष्यों तक ही सीमित रखा. उन्होंने कहा कि इस हमले के पीछे का उद्देश्य पाकिस्तान की क्षमता को खत्म करना और सही संदेश भेजना था.

लंबी दूरी से हमला करना आसान नहीं था, लेकिन भारतीय सेना ने कर दिखाया : एयर मार्शल

एयर मार्शल ने स्वीकार किया कि दुश्मन के लक्ष्यों पर प्रहार करने के लिए लंबी दूरी तक निशाना लगाना जोखिम भरा होता है, लेकिन भारतीय वायुसेना ने मिशन को पूर्णता के साथ अंजाम दिया. उन्होंने कहा, ‘‘इस रेंज से सटीक निशाना लगाना बहुत आवश्यक होता है, क्योंकि यह बहुत जोखिम भरा होता है, क्योंकि दूरी जितनी लंबी होगी, आपको लगता है कि नुकसान की संभावना उतनी ही अधिक है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपके पास लंबी दूरी का अस्त्र हो सकता है, लेकिन उस अस्त्र से सटीक लक्ष्य भेदन करने के लिए जो काम किया जाता है, वह वास्तव में पूरी टीम का प्रयास होता है, न कि केवल उन पायलटों का जिन्होंने इन्हें दागा. जमीन पर बहुत से लोग होते हैं जो इसे संभव बनाते हैं.’’

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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