Operation Blue Star: ऑपरेशन ब्लू स्टार की 40वीं बरसी पर स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तानी नारे, लहराई गई तलवारें

Edited by Amitabh Kumar
Updated:
विज्ञापन

Operation Blue Star

Operation Blue Star: ऑपरेशन ब्लू स्टार की 40वीं बरसी पर स्वर्ण मंदिर में खालिस्तानी नारे लगे और तलवारें लहराईं गईं.

विज्ञापन

Operation Blue Star: पंजाब के स्वर्ण मंदिर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां ऑपरेशन ब्लू स्टार की 40वीं बरसी मनाई गई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए. स्वर्ण मंदिर में भारी संख्या में सिख समुदाय की भीड़ गुरुवार को नजर आई जो हाथों में तलवार लिये थी.

इस संबंध में एक वीडियो सामने आया है जिसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. इस वीडियो में नजर आ रहा है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार की 40वीं बरसी पर सिख समुदाय के सदस्य अमृतसर में स्वर्ण मंदिर परिसर के अंदर नारे लगा रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान जरनैल सिंह भिंडरावाले के पोस्टर भी नजर आए और खालिस्तान समर्थक नारे भी सुनाई दिए.

Read Also : Operation Blue Star की बरसी पर बढ़ी स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा, जानें उस ऑपरेशन के बारे में जिसने ली एक प्रधानमंत्री की जान

आपको बता दें कि छह जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी को देखते हुए स्वर्ण मंदिर और आसपास के इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.

कब चला था ऑपरेशन ब्लू स्टार

उल्लेखनीय है कि सेना ने स्वर्ण मंदिर परिसर से आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए एक ऑपरेशन चलाया था जिसे ऑपरेशन ब्लू स्टार नाम दिया गया था. यह ऑपरेशन साल 1984 में चलाया गया था जिसके चार दशक बीत चुके हैं. 3 से 8 जून 1984 तक स्वर्ण मंदिर में मिलिट्री ऑपरेशन चला था जिसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दोषी माना जाता है.

1983 में भिंडरावाले ने अपने साथियों के साथ स्वर्ण मंदिर में शरण ले ली थी जिसने सरकार की टेंशन बढ़ा दी. स्वर्ण मंदिर से ही भिंडरावाले ने अपनी अलगाववादी गतिविविधियां जारी रखी जिसकी वजह से धीरे-धीरे सरकार और उनके बीच टकराव होने लगा. टकराव इतने चरम पर पहुंच गया कि इंदिरा गांधी ने 3 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के आदेश दे दिये.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola