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भारत में हो गई ओमीक्रोन की एंट्री ? अफ्रीकी देशों से पिछले 15 दिन में मुंबई आए एक हजार यात्री, 100 की हुई जांच

Updated at : 30 Nov 2021 10:19 AM (IST)
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भारत में हो गई ओमीक्रोन की एंट्री ? अफ्रीकी देशों से पिछले 15 दिन में मुंबई आए एक हजार यात्री, 100 की हुई जांच

Omicron Guidelines in India : मुंबई में पिछले 15 दिन में अफ्रीकी देशों से करीब 1,000 यात्री आए हैं. अफ्रीकी देशों में कोरोना वायरस के नये स्वरूप तथा अधिक संक्रामक ‘ओमीक्रोन' के मामले पाये जा रहे हैं.

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क्‍या कोरोना का नया वेरिएंट भारत में प्रवेश कर गया है ? दरअसल ये सवाल देश के लोगों के मन में लगातार उठ रहे हैं. इसके पीछे की वजह हम आपको बताते हैं. दरअसल मुंबई में पिछले 15 दिन में उन अफ्रीकी देशों से करीब 1,000 यात्री आए हैं, जहां कोरोना वायरस के नए स्वरूप तथा अधिक संक्रामक ‘ओमीक्रोन‘ के मामले सामने आ रहे हैं.

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अतिरिक्त नगरपालिका आयुक्त सुरेश काकानी ने बताया कि अभी तक जिन 466 यात्रियों की सूची मिली है, उनमें से कम से कम 100 की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को आगाह किया था कि प्रारंभिक साक्ष्य के आधार पर वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ से विश्व को काफी खतरा है और इसके ‘‘गंभीर परिणाम” हो सकते हैं.

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने सदस्य देशों को एक तकनीकी ज्ञापन जारी करते हुए कहा कि नए स्वरूप के बारे में ‘‘काफी अनिश्चितता” बनी हुई है. इस नए स्वरूप का पहला मामला दक्षिणी अफ्रीका में सामने आया था. काकानी ने कहा कि इन तमाम चिंताओं के बीच हवाई अड्डा अधिकारियों ने हमें बताया कि पिछले 15 दिन में अफ्रीकी देशों से करीब 1,000 यात्री आए हैं, लेकिन अभी तक 466 यात्रियों की सूची दी गई है.

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काकानी ने कहा कि 466 यात्रियों में से 100 के नमूने लिए गए हैं. उनकी रिपोर्ट जल्द ही आएगी. उसके बाद ही उनके संक्रमित होने या ना होने का पता चल पाएगा. अगर वे संक्रमित नहीं होंगे तो कोई चिंता की बात नहीं, लेकिन संक्रमित लोगों के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी. साथ ही, ‘ओमीक्रोन’ का तुरंत पता लगाने के लिए डब्ल्यूएचओ के सुझाव के तहत एस-जीन संबंधी जांच की जाएगी.

अधिकारी ने बताया कि ‘एस-जीन’ यदि किसी नमूनें मे नहीं पाया गया तो ऐसा माना जा सकता है कि वह यात्री ओमीक्रोन से संक्रमित है. हालांकि, इसकी पुष्टि ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ से ही की जाएगी। उन्होंने बताया कि संक्रमित पाए जाने वाले सभी यात्रियों को महानगरपालिका के संस्थागत पृथक-वास केन्द्र सेवन हिल्स अस्पताल में रखा जाएगा, चाहे उनमें कोई लक्षण हो या ना हो.

Posted By : Amitabh Kumar

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