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'जानी नहीं केवल माली नुकसान हुआ', उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान- 'हम सभी चाहते हैं कि सीजफायर…'

Updated at : 13 May 2025 3:50 PM (IST)
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Omar Abdullah on Pakistan

Omar Abdullah on Pakistan

Omar Abdullah on Ceasefire: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कुपवाड़ा के उप जिला अस्पताल का दौरा किया. अस्पताल में उन्होंने पाकिस्तान के हमले में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनका हाल जाना.

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Omar Abdullah on Ceasefire: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कुपवाड़ा के उप जिला अस्पताल का दौरा किया, यहां उन्होंने पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल लोगों से मुलाकात की और उनका हाल जाना. इस अस्पताल जहां कुछ दिनों पहले पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल हुए कई लोग भर्ती हैं, उनका इलाज चल रहा है. अस्पताल में घायलों से मुलाकात के बाद सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि सीजफायर से पहले पाकिस्तान की ओर से जारी गोलाबारी में सीमाई इलाकों में रहने वाले कई लोग घायल हो गए थे. उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि हमले में किसी की मौत नहीं हुई है.

सीएम उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

घायलों से मुलाकात के दौरान सीएम उमर अब्दुल्ला ने बताया कि “यहां जानी नहीं केवल माली नुकसान हुआ है. यहां कम्युनिटी बंकर बने थे लेकिन लंबे समय तक उनकी जरूरत नहीं पड़ी और नए बंकर काफी सालों से नहीं बने हैं. हम सभी चाहते हैं कि सीजफायर बरकरार रहे. सरहद के नजदीक रहने वाले लोग चाहते हैं कि सीजफायर हो. अब यह सीजफायर बरकरार रहना चाहिए.”

इससे एक दिन पहले भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर बाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा था कि केंद्र शासित प्रदेश में हाल की पाकिस्तानी गोलाबारी से युद्ध जैसे हालात पैदा हुए और जो लोग अपने घर छोड़ गए थे, वे वापस आ सकते हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच अब एक सैन्य सहमति बन गई है. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना के जारी दुष्प्रचार को भी खारिज करते हुए कहा कि पड़ोसी देश इसे जारी रखेगा, लेकिन वास्तविकता दुनिया को पता है.

क्षति का होगा आकलन

जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि पाकिस्तान के हमलों में प्रभावित पुंछ, राजौरी, जम्मू, बारामुला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा के प्रशासन को संरचनात्मक क्षति का आकलन करने और मुआवजे के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. “अब तक हमारी प्राथमिकता जान बचाना रही है, लेकिन अब जब सैन्य सहमति लागू हो गई है, तो आकलन और राहत कार्य शुरू हो जाएंगे.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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