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जापान के भूकंप की नास्त्रेदमस ने पहले ही कर दी थी भविष्यवाणी? साल 2024 में छिड़ेगा तीसरा विश्व युद्ध

Updated at : 02 Jan 2024 9:52 AM (IST)
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जापान के भूकंप की नास्त्रेदमस ने पहले ही कर दी थी भविष्यवाणी? साल 2024 में छिड़ेगा तीसरा विश्व युद्ध

नास्त्रेदमस ने कई भविष्यवाणियां की हैं. इसी में उन्होंने भविष्यवाणियों में साल 2024 को भयावह बताते हुए चिंताजनक करार दिया है. उन्होंने अफ्रीका से लेकर दक्षिण चीन सागर तक हर जगह विनाश और निराशा का पुर्वानुमान लगाया है.

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Nostradamus Predictions for 2024: साल 2024 शुरू हो गया है और इसके पहले ही दिन जापान में भारी भूकंप आ गया. इस रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.6 है. इसी के साथ भारतीय मीडिया में नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी भी सामने आ गई है, जिसमें साल 2024 के दौरान आने वाली प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध और तमाम तरह की बातों को लेकर भविष्यवाणी की गई है. मीडिया की रिपोर्ट की मानें, तो नास्त्रेदमस ने साल 2024 के दौरान देश-दुनिया में भयावह स्थिति के बारे में भविष्यवाणी की है. आपको यह भी बता दें कि ये 16वीं सदी के फ्रांस वाले नास्त्रेदमस नहीं है, बल्कि ये ब्राजील के भविष्यवक्ता एथोस सैलोम हैं, जिन्होंने साल 2024 को लेकर कई भविष्यवाणियां की हैं. देश-दुनिया की मीडिया में इन्हें जिंदा नास्त्रेदमस या फिर मॉडर्न नास्त्रेदमस नाम दिया गया है. आइए, जानते हैं कि मॉडर्न नास्त्रेदमस के नाम से पहचान पाने वाले एथोस सैलोम ने साल 2024 को लेकर किस प्रकार की भविष्यवाणी की है.

लाल शत्रु से बढ़ेगी परेशानी

ब्राजील के रहने वाले एथोस ने मीडिया से बातचीत के दौरान कई भविष्यवाणियां की हैं. इसी में उन्होंने भविष्यवाणियों में साल 2024 को भयावह बताते हुए चिंताजनक करार दिया है. उन्होंने अफ्रीका से लेकर दक्षिण चीन सागर तक हर जगह विनाश और निराशा का पुर्वानुमान लगाया है. इसके साथ ही, उन्होंने ‘नौसैनिक युद्ध’ की भविष्यवाणी की थी और कहा था कि ‘लाल शत्रु भय से पीला पड़ जाएगा, जिससे महान महासागर भी भयभीत हो जाएगा.’ न्यूयॉर्क पोस्ट ने कहा कि ‘लाल शत्रु’ से नास्त्रेदमस का तात्पर्य चीन और देश के लाल झंडे से हो सकता है. यह दावा किया गया कि ‘नौसैनिक युद्ध’ ताइवान द्वीप के साथ चीन के तनाव का संकेत हो सकता है.

रूस-यूक्रेन युद्ध में कूद सकता है नाटो

उन्होंने रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर भी चिंताई जताई है. उनका कहना है कि रूस यूक्रेन युद्ध में नाटो या अमेरिका शामिल होते हैं, तो स्थित खराब होगी. सैलोम की भविष्यवाणी के मुताबिक, हितधारकों के बाहरी हस्तक्षेप और संघर्षों की वजह से मध्य पूर्व अस्थिर बना हुआ है. अफ्रीका में लीबिया, सूडान और नाइजीरिया जैसे देशों में विवादों और प्राकृतिक संसाधनों तक पहुंचने के कारण संघर्ष होने का खतरा है. उन्होंने एशिया के बारे में कहा कि भारत-पाकिस्तान और कोरियाई प्रायद्वीप चिंता बढ़ाने वाले क्षेत्र हैं.

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चार्ल्स तृतीय जबरन निकाल दिए जाएंगे बाहर

उन्होंने यह भी कहा है कि ‘द्वीपों के राजा’ को ‘बलपूर्वक बाहर निकाल दिया जाएगा.’ कुछ लोगों का मानना ​​है कि ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय का उल्लेख कर रहे थे. कथित तौर पर किंग चार्ल्स के बारे में एक अलग अंश में उन्होंने कहा कि जल्द ही एक विनाशकारी युद्ध के बाद एक नए राजा का अभिषेक किया जाएगा, जो लंबे समय तक पृथ्वी को खुश करेगा. ब्रिटिश लेखक मारियो रीडिंग ने संभावित कारण का विश्लेषण किया कि किंग चार्ल्स तृतीय क्यों पद छोड़ सकते हैं. डेली मेल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा खुद और रानी कैमिला लगातार हमलों के कारण हो सकता है. इसमें कहा गया है कि प्रिंस हैरी प्रिंस विलियम के स्थान पर ब्रिटेन के सिंहासन पर आसीन हो सकते हैं.

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भारत में होगी प्रगति

भविष्यवक्ता एथोस सैलोम ने अपनी भविष्यवाणी में साल 2024 में भारत में प्रगति होने की बात कही है. उन्होंने 2024 तक प्रगति की उम्मीद के साथ भारत को टाइगर बताया है. सैलोम ने फिलीपींस, वियतनाम और चीन के कुछ इलाकों में तूफान बढ़ने की भविष्यवाणी की है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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