1. home Hindi News
  2. national
  3. national herald case neck bone made for gandhi family know what is the whole matter vwt

Explainer: नेशनल हेराल्ड हेराफेरी केस के पेच में फिर फंसा गांधी परिवार, जानिए क्या है पूरा मामला

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर वर्ष 1938 में नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की शुरुआत की थी.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
 नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया-राहुल
नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया-राहुल
फोटो : सोशल मीडिया

नई दिल्ली : नेशनल हेराल्ड केस के पेच में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पूरे गांधी परिवार एक बार फिर फंस गया है. इस मामले में पूछताछ के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को ईडी के सामने पेश होंगे. उनके बचाव में पूरी कांग्रेस पार्टी ही उतर आई है. कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सोनिया गांधी अब 23 जून को ईडी के सामने पेश होंगी. हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा फरमान जारी होने के बाद सोनिया गांधी ने पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है. लेकिन, सवाल यह पैदा होता है कि आखिर नेशनल हेराल्ड केस है क्या, जिसके पेच में पूरा गांधी परिवार फंसा है? आइए जानते हैं पूरा मामला...

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला

बता दें कि कभी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के काफी करीबी माने जाने वाले और भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने वर्ष 2012 में निचली अदालत में एक याचिका दायर की थी. इस याचिका में सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने यंग इंडियन लिमिटेड (YIL) के माध्यम से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) का गलत तरीके से अधिग्रहण किया है. उन्होंने अपनी याचिका में यह आरोप भी लगाया गया कि एजेएल का अधिग्रहण दिल्ली के बहादुरशाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस पर कब्जा करने के लिए किया गया. एक साजिश के तहत यंग इंडिया लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया.

नेहरू ने की थी नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर वर्ष 1938 में नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की शुरुआत की थी. नेशनल हेराल्ड अखबार पर मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड कंपनी का है.

2011 में कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड को दिया 90 करोड़ का कर्ज

मीडिया की रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कांग्रेस ने 26 जनवरी 2011 को नेशनल हेराल्ड की करीब 90 करोड़ रुपये की देनदारियों को अपने कंधों पर ले लिया. इसका मतलब यह निकाला जा रहा है कि एक प्रकार से कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड को 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया. इसके बाद कांग्रेस ने करीब पांच लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई. इस कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी तय की गई. बाकी की बची हुई 24 फीसदी हिस्सेदारी में कांग्रेस के दिवंगत नेता मोती लाल बोरा और ऑस्कर फर्नांडीज को शामिल गया.

कांग्रेस ने मुफ्त में यंग इंडियन को बनाया नेशनल हेराल्ड का मालिक

रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा नई कंपनी यंग इंडियन बनाने के बाद एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के 10-10 रुपये के 9 करोड़ शेयर नई कंपनी को दे दिए गए, जिसके बदले में यंग इंडियन को कांग्रेस के कर्ज का भुगतान करना था. अब यंग इंडियन को एसोसिएटेड जर्नल्स के 9 करोड़ शेयर हासिल हो जाने के बाद उसकी 99 फीसदी शेयरों पर कब्जा हो गया. इसके बाद कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड यानी एसोसिएटेड जर्नल्स को दिए गए 90 करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया. इस कर्ज माफी के बाद कहा यह जाने लगा कि कांग्रेस ने मुफ्त में यंग इंडियन कंपनी को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक दे दिया.

दिसंबर 2015 में सोनिया-राहुल को मिली जमानत

निचली अदालत में याचिका दायर करने के बाद भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी नेशनल हेराल्ड केस की त्वरित सुनवाई के लिए वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इसके लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्देश दिया. इससे पहले 19 दिसंबर 2015 को निचली अदालत ने नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल गांधी को जमानत दे दी. इसके बाद वर्ष 2016 में सुप्र्रीम कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस को रद्द करने से इनकार करते हुए सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज और सुमन दुबे को अदालत में पेश होने से छूट दे दी.

अप्रैल 2022 में मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईडी को दिया बयान

नया मामला तब सामने आया, जब इस साल के अप्रैल महीने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में अपना बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित हुए. प्रवर्तन निदेशालय ने इसी मामले में मल्लिकार्जुन खड़गे के बाद कांग्रेस के दूसरे नेता पवन बंसल का बयान भी दर्ज किया था.

Prabhat Khabar App :

देश-दुनिया, बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस अपडेट, मोबाइल, गैजेट, क्रिकेट की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

googleplayiosstore
Follow us on Social Media
  • Facebookicon
  • Twitter
  • Instgram
  • youtube

संबंधित खबरें

Share Via :
Published Date

अन्य खबरें