Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक, ट्रंप और ऑपरेशन सिंदूर पर जोरदार हंगामे के आसार

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Budget session of Parliament

Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को यह जानकारी दी. संसद सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर पर दिए बयान और ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है.

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Monsoon Session: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने संसद सत्र को लेकर संवाददाताओं को बताया, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने इन तारीखों की सिफारिश की है. रीजीजू ने मानसून सत्र की घोषणा ऐसे समय में की है जब विपक्षी दलों के नेता ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने के लिए सरकार से विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं. रीजीजू ने विपक्ष की इस मांग के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मानसून सत्र में नियमों के तहत सभी मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है.

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विपक्षी दलों ने पीएम मोदी को लिखा था पत्र, विशेष सत्र का किया था आग्रह

विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के 16 घटक दलों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद के घटनाक्रम पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए. कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, शिवसेना (उबाठा), राजद, नेशनल कांफ्रेंस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी(आरएसपी), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), भाकपा (माले) लिबरेशन, केरल कांग्रेस, वीसीके और एमडीएमके के प्रमुख नेताओं ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी प्रमुख हैं.

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाएगी सरकार

सरकार संसद के आगामी सत्र में इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाएगी और कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सर्वदलीय सहमति बनाने का प्रयास करेगी. पीटीआई के अनुसार संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू विभिन्न दलों के नेताओं से बात करेंगे, ताकि उन्हें तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा गठित तीन-सदस्यीय समिति की न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ सौंपी गई रिपोर्ट के बाद उनके विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव के लिए राजी किया जा सके. इस वर्ष मार्च में राष्ट्रीय राजधानी स्थित न्यायमूर्ति वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना हुई थी, जिसके बाद कथित तौर पर जली हुई नकदी बरामद हुई. उस समय न्यायमूर्ति वर्मा दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे.

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