Manipur Violence: मणिपुर में सेना के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहीं महिलाएं, जानबूझकर सड़क कर रहीं ब्लॉक

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 27 Jun 2023 8:50 AM

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सोमवार देर रात भारतीय सेना ने एक ट्वीट किया और वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें महिला कार्यकर्ता सेना के जवानों को आगे बढ़ने रोकती दिख रही हैं. सेना ने ट्वीट किया और लिखा, मणिपुर में महिला कार्यकर्ता जानबूझकर मार्गों को अवरुद्ध कर रही हैं और सुरक्षा बलों के संचालन में हस्तक्षेप कर रही हैं.

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हिंसाग्रस्त मणिपुर में सेना के जवानों के लिए प्रदर्शनकारी महिलाएं बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं. सेना के अभियान को जानबूझकर बाधित करने की कोशिश की जा रही है. बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क को ब्लॉक कर दे रहीं हैं, जिससे सेना के जवान अपने अभियान को आगे नहीं बढ़ा पा रहे.

अभियान को जानबूझकर बाधित करने को सेना ने बताया गैरकानूनी

सेना ने मणिपुर में महिलाओं द्वारा उनके अभियान को जानबूझकर बाधित करने को गैरकानूनी बताया है. भारतीय सेना ने कहा है कि सुरक्षा कर्मियों की आवाजाही को अवरुद्ध करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि कानून एवं व्यवस्था बहाल करने के उनके प्रयासों के लिए भी हानिकारक है.

सेना ने महिलाओं के प्रदर्शन को लेकर वीडियो पोस्ट किया

सोमवार देर रात भारतीय सेना ने एक ट्वीट किया और वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें महिला कार्यकर्ता सेना के जवानों को आगे बढ़ने रोकती दिख रही हैं. सेना ने ट्वीट किया और लिखा, मणिपुर में महिला कार्यकर्ता जानबूझकर मार्गों को अवरुद्ध कर रही हैं और सुरक्षा बलों के संचालन में हस्तक्षेप कर रही हैं. इस तरह का अनुचित हस्तक्षेप हानिकारक है. भारतीय सेना की स्पीयर कोर ने एक ट्वीट में कहा, भारतीय सेना आबादी के सभी वर्गों से समर्थन करने की अपील करती है. शांति बहाल करने के हमारे प्रयास जारी रहेंगे.

Also Read: मणिपुर में बिगड़े हालात से टेंशन में केंद्र सरकार, अमित शाह ने पीएम मोदी को मौजूदा स्थिति से कराया अवगत

मेइती समुदाय का पुणे में प्रदर्शन, मणिपुर हिंसा खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

मेइती समुदाय के सदस्यों ने अपने मूल स्थान मणिपुर में हिंसा को तत्काल समाप्त करने की मांग को लेकर सोमवार को महाराष्ट्र के पुणे में धरना दिया. मेइती समुदाय के लोगों ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिंसा के 50 दिन बाद भी चुप हैं, जिसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 60,000 लोगों का विस्थापन हुआ है. बयान में कहा गया कि हर दिन वहां से भारी गोलीबारी की खबरें आ रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप लोग युद्ध जैसे हालात में रह रहे हैं. केंद्र और मणिपुर सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए, प्रदर्शनकारियों ने हिंसा के शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा.

मणिपुर हिंसा में अबतक 100 से अधिक लोगों की मौत

गौरतलब है कि तीन मई से मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में 100 से अधिक लोगों की जान चली गई है. मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद मणिपुर में हिंसक झड़पें शुरू हो गई थीं. पूर्वोत्तर के इस राज्य में मेइती समुदाय की आबादी करीब 53 प्रतिशत है, जिसमें से ज्यादातर इंफाल घाटी में रहती है, जबकि नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 फीसदी के आसपास है और ये ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं.

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By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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