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Manipur Violence: मणिपुर में अब भी स्थिति तनाव पूर्ण, सेना के जवान की अपहरण के बाद हत्या

Updated at : 17 Sep 2023 10:19 PM (IST)
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Manipur Violence: मणिपुर में अब भी स्थिति तनाव पूर्ण, सेना के जवान की अपहरण के बाद हत्या

**EDS: SCREENSHOT VIA PTI VIDEO** Thoubal: Security forces personnel guard after a mob allegedly attempted to loot weapons from an India Reserve Battalion located in Khangabok, in Thoubal district of Manipur, Tuesday, July 4, 2023. (PTI Photo) (PTI07_05_2023_000036B)

कुकी समूह राज्य पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं. पिछले महीने राज्य के 10 कुकी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की थी कि राज्य से असम राइफल्स को हटाया नहीं जाए. उन्होंने कहा कि ऐसा किया गया तो आदिवासियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है.

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मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले के खुनिंगथेक गांव में रविवार को भारतीय सेना के एक जवान का शव मिला. अधिकारियों ने बताया कि जवान की पहचान कांगपोकपी जिले के लीमाखोंग में सेना की रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) प्लाटून के सिपाही सेर्टो थांगथांग कोम के रूप में हुई है. अधिकारियों ने कहा कि वह इंफाल पश्चिम के तरुंग का रहने वाला था.

हथियारबंद लोगों ने सिपाही का कर लिया था अपहरण

अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात हथियारबंद लोगों ने शनिवार की सुबह करीब अवकाश पर आए सिपाही कोम का सुबह 10 बजे उनके घर से अपहरण कर लिया था. मामले के प्रत्यक्षदर्शी और कोम के 10 वर्षीय बेटे के अनुसार तीन लोग उसके घर में तब दाखिल हुए जब वह अपने पिता के साथ बरामदे में काम कर रहा था. अधिकारियों ने उनके बेटे के हवाले से कहा, हथियारबंद लोगों ने सिपाही को बंदूक दिखाकर जबरदस्ती सफेद रंग के एक वाहन में बिठाया और मौके से फरार हो गए. उन्होंने कहा, रविवार सुबह तक सिपाही कोम की कोई खबर नहीं मिली. सुबह 9.30 बजे के आसपास उनका शव इंफाल पूर्व जिले के खुनिंगथेक गांव में मिला.

सैनिक के सिर पर गोली लगने का निशान

अधिकारियों के अनुसार, जवान की पहचान की पुष्टि उनके भाई और एक रिश्तेदार ने की. उन लोगों ने बताया कि सैनिक के सिर पर गोली लगने का निशान था. सिपाही कोम के परिवार में पत्नी, बेटी और बेटा है. अधिकारियों ने कहा कि अंतिम संस्कार परिवार की इच्छा के अनुसार किया जाएगा. सेना ने शोकसंतप्त परिवार की सहायता के लिए एक टीम भेजी है.

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पिछले दिनों रक्षा मंत्री से मैतेई समुदाय के प्रतिनिधियों ने की मुलाकात

इंफाल घाटी स्थित मैतेई समूहों के संगठन ‘कॉर्डिनेशन कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (कोकोमी) के प्रतिनिधियों ने पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से राजधानी दिल्ली में मुलाकात की और राज्य से असम राइफल्स को वापस बुलाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि यह बल पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा है.

मैतेई का दावा कुकी समूहों ने सरकार को असहज स्थिति में डाला

उन्होंने ज्ञापन में दावा किया कि कुकी समूहों ने मणिपुर संकट के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र से संपर्क साधकर सरकार को असहज स्थिति में डाला है.

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मैतेई समुदाय ने रक्षा मंत्री के साथ बातचीत में ये मुद्दे उठाये

मैतेई समुदाय के लोगों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत में नार्को-आतंकवाद (मादक पदार्थों की तस्करी में आतंकवादी संगठनों की संलिप्तता), अवैध प्रवासियों और उनकी पहचान के साथ ही अभियान संबंधी समझौतों के निलंबन के मुद्दे उठाए.

कुकी समुदाय ने पीएम मोदी से की असम राइफल्स को हटाने की मांग

दूसरी तरफ कुकी समूह राज्य पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं. पिछले महीने राज्य के 10 कुकी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की थी कि राज्य से असम राइफल्स को हटाया नहीं जाए. उन्होंने कहा कि ऐसा किया गया तो आदिवासियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है.

मणिपुर हिंसा में अबतक 175 लोगों की मौत

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मैतेई समुदाय की मांग के खिलाफ पर्वतीय जिलों में गत तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ निकाला गया था. इसी दौरान जातीय हिंसा भड़क गई, जो कई दिनों तक चलती रही और इसमें करीब 175 लोग मारे जा चुके हैं तथा लगभग 1,100 घायल हुए हैं.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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