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Manipur Violence Live: मणिपुर में स्कूल 8 जुलाई 2023 तक बंद रहेंगे

Published by : Pritish Sahay Updated At : 21 Jul 2023 3:31 PM

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Manipur Violence Live: मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. बताया जा रहा है कि आज यानी शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात के बाद वो अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. बता दे, करीब दो महीने की हिंसा की आग में मणिपुर झुलस रहा है. इधर हिंसा के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज भी मणिपुर में पीड़ित लोगों से मुलाकात कर रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी मणिपुर के मोइरांग में एक राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों से मिलने पहुंचे. यहां उन्होंने लोगों का हाल जाना. राहुल गांधी ने लोगों से शांति की अपील की है.

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मणिपुर में स्कूल 8 जुलाई 2023 तक बंद रहेंगे

मणिपुर में स्कूल 8 जुलाई 2023 तक बंद रहेंगे.

मैं मणिपुर के अपने सभी भाइयों-बहनों को सुनने आया हूं, शांति हमारी एकमात्र प्राथमिकता होनी चाहिए-राहुल गांधी 

राहुल गांधी ने कहा, मैं मणिपुर के अपने सभी भाइयों-बहनों को सुनने आया हूं. सभी समुदायों के लोग बहुत स्वागत और प्रेम कर रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार मुझे रोक रही है. मणिपुर को उपचार की जरूरत है. शांति हमारी एकमात्र प्राथमिकता होनी चाहिए

मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह नहीं देंगे इस्तीफा, ट्वीट कर किया ऐलान 

मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह नहीं देंगे इस्तीफा, उन्होंने ट्वीट कर ऐलान किया कि, इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दूंगा.

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने आवास के बाहर एकत्रित लोगों से मुलाकात की

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने आवास के बाहर एकत्रित लोगों से मुलाकात की और राज्य के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.

कई संस्थाओं से राहुल गांधी ने की मुलाकात

हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के दौरे पर आए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को नागरिक समाज संगठन के सदस्यों से मुलाकात की और उनकी परेशानियों को सुना. राहुल गांधी ने नागरिक समाज संगठन कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी मणिपुर में नागा समुदाय की शीर्ष संस्था यूनाइटेड नागा काउंसिल, शेड्यूल्ड ट्राइब डिमांड कमेटी के प्रतिनिधियों और जेएनयू के प्रोफेसर बिमोल ए सहित प्रमुख हस्तियों से मुलाकात की.

राज्यपाल से मिले राहुल गांधी

मणिपुर में हिंसा के दौर के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्यपाल से मुलाकात की. राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद कहा कि मणिपुर को शांति की जरूरत है. मैं चाहता हूं कि यहां शांति बहाल हो. मैंने कुछ राहत शिविरों का दौरा किया, इन राहत शिविरों में खामियां हैं, सरकार को इसके लिए काम करना चाहिए.

क्या है हिंसा का कारण

मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के बीच मई की शुरुआत में भड़की जातीय हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं.

खरगे ने सुनाई खरी-खरी

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर हिंसा को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. खरगे ने कहा कि बीजेपी हमेशा ईर्ष्या से बात करती है. अगर कोई कांग्रेस नेता मणिपुर जाकर लोगों की कठिनाइयों को समझने की कोशिश करता है, तो वे इसे नाटक कहते हैं. वे पटना में विपक्ष की बैठक को को फोटो सेशन करार दे रहे हैं. वे लोकतांत्रिक नहीं बल्कि तानाशाही मानसिकता के हैं. उन्होंने कहा कि मैं ऐसी मानसिकता की निंदा करता हूं. जब अमित शाह वहां जा सकते हैं, उनके लोग वहां जा सकते हैं, तो एक विपक्षी नेता ऐसा क्यों नहीं कर सकता?.

बीजेपी दफ्तर पर दंगाइयों का हमला

मणिपुर में दंगाइयों ने बीजेपी दफ्तर पर हमला किया. सेना ने बताया कि सशस्त्र दंगाइयों ने बिना उकसावे के सुबह गोलीबारी शुरू कर दी. दंगाइयों को हिंसा फैलाने से रोकने के लिए आरएएफ के साथ पुलिस दल मौके पर पहुंची और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए.

पीड़ितो से मिले राहुल गांधी

इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी हिंसा के बीच इंफाल से मोइरांग में पीड़ितो से मुलाकात की. राहुल ने राहत शिविरों का दौरा किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की. बता दें राहुल गांधई इंफाल लौटेंगे के बाद आज समान विचारधारा वाले 10 पार्टी नेताओं, यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के नेताओं और नागरिक समाज संगठन के सदस्यों से मिलेंगे.

नहीं थम रहा हिंसा का दौर

बीते 60 दिनों लगातार मणिपुर जल रहा है. प्रदेश में जारी हिंसा का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. बीते दिन गुरुवार को कांगपोकपी जिले के हराओ ठेल गांव में सुरक्षा कर्मियों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध दंगाइयों की मौत हो गयी. इस घटना में पांच अन्य लोग घायल हो गए है. जिसके बाद प्रदर्शकारियों ने सीएम आवास की ओर मार्च निकाला. इसके बाद उन्होंने बीजेपी कार्यालय में भी हमला बोला.

सीएम एन वीरेन दे सकते हैं इस्तीफा 

Manipur Violence: हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर से बड़ी खबर आ रही है. प्रदेश में चल रहे ताजा संकट के बीच सीएम एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि वो आज राज्यपाल से मिलेंगे. इसके बाद वो राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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