Manipur Violence: मणिपुर में जानी दुश्मन, लेकिन यहां एक छत के नीचे पढ़ रहे 37 कुकी और मैतेई समुदाय के छात्र

Updated:
विज्ञापन

Kuki, Meitei

Manipur Violence: मणिपुर लंबे समय से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है. पिछले साल मई में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच शुरू हुई हिंसा अबतक नहीं थमी है. दोनों समुदाय के लोग एक-दूसरे की जान के प्यासे बन गए हैं. लेकिन इस बीच मणिपुर में एक ऐसी जगह है, जहां हिंसा नहीं, बल्कि प्यार और सद्भाव का माहौल है.

विज्ञापन

Manipur Violence: मणिपुर का उखरुल एक ऐसा जगह है, जहां एक छत के नीचे कुकी, मैतेई और नागा समुदाय के लोगों में आपसी प्यास और सद्भवना दिख रहा है. वहां की हवा में नफरत के विष नहीं हैं, बल्कि दोस्ती और भाईचारे की खुशबू रची-बसी है. दरअसल उखरुल में असम राइफल्स सेंटर ऑफ एजुकेशनल एक्सीलेंस में कुकी, मैतेई और नागा समुदायों की 37 छात्राएं एक ही छत के नीचे पढ़ती हैं और एनईईटी के लिए कोचिंग कक्षाओं में भाग लेती हैं.

कुकी समुदाय की छात्रा ने क्या कहा

Manipur Violence: कुकी समुदाय की एक लड़की सोफिया ने कहा, मैं एक ऐसी जगह से आई हूं जहां स्थिति बहुत तनावपूर्ण थी. लेकिन असम राइफल्स ने हमारी अच्छी देखभाल की और यह मौका दिया इसलिए हम सभी बहुत आभारी हैं. मेरी मां और पिता किसान हैं और वे इस समय राहत शिविर में हैं. यहां जाति, पंथ और धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है, यहां हम एक हैं और हमारा एक उद्देश्य है.

Also Read: मैतेई और कुकी समुदाय क्यों बने हैं जान के दुश्मन? जानें क्या है विवाद का असली कारण

Also Read: मैतेई समुदाय से जुड़े जिस आदेश के बाद भड़की थी हिंसा, हाई कोर्ट ने किया रद्द

असम राइफल्स की सुरक्षा में हम कर रहे पढ़ाई : मैतेई समुदाय की छात्रा

मैतेई समुदाय की एक छात्रा रोनिता ने कहा, यहां, मणिपुर के विभिन्न जगहों से छात्र आए हैं और हम एक साथ पढ़ते हैं. मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. यहां आना मुश्किल नहीं था क्योंकि असम राइफल्स ने हमें यहां सुरक्षित रूप से पहुंचाया. हम हमें पढ़ाई में भी कोई कठिनाई नहीं हो रही है क्योंकि असम राइफल्स हमारी सभी आवश्यकताओं को पूरा करती है.

Also Read: मणिपुर में खुद से जगहों का नाम बदला तो खैर नहीं, हो सकती है 3 साल तक की जेल, विधेयक पारित

3 मई 2023 को मणिपुर में क्यों भड़की थी हिंसा?

पिछले साल 3 मई को कुकी और मैतेई समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे. दोनों के बीच हिंसा की जो आग राज्य में भड़की, वहीं अबतक नहीं बुझी है. दरअसल मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘ट्राइबल सॉलिडारिटी मार्च’ (आदिवासी एकजुटता मार्च) का आयोजित किया गया था. यह मार्च कुकी समुदाय के ओर से आयोजित किया गया था. इसी दौरान हिंसा भड़क उठी. अबतक उस हिंसा की वजह से 200 से अधिक लोगो की मौत हो चुकी है.

Also Read: आधी रात को कुकी उग्रवादियों ने किया हमला, सीआरपीएफ के दो जवान शहीद

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola