महुआ मोईत्रा के साथ लोकसभा की एथिक्स कमेटी में क्या हुआ कि टीएमसी सांसद ने कह दी ऐसी बात

ममता बनर्जी की पार्टी की तेज-तर्रार सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि आचार समिति के समक्ष पेशी के दौरान उनके साथ ‘अनैतिक, अशोभनीय और पूर्वाग्रहपूर्ण’ व्यवहार किया गया. महुआ मोईत्रा ने कहा कि समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने ‘अशोभनीय व्यक्तिगत प्रश्न’ पूछे.
Mahua Moitra News|लोकसभा की एथिक्स कमेटी (आचार समिति)के सामने बृहस्पतिवार को पेश हुईं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोईत्रा विपक्षी सदस्यों के साथ बैठक से बाहर निकल गईं. इसके बाद उन्होंने कमेटी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए. ममता बनर्जी की पार्टी की तेज-तर्रार सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि आचार समिति के समक्ष पेशी के दौरान उनके साथ ‘अनैतिक, अशोभनीय और पूर्वाग्रहपूर्ण’ व्यवहार किया गया. महुआ मोईत्रा ने कहा कि समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने ‘अशोभनीय व्यक्तिगत प्रश्न’ पूछे. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा है महुआ मोईत्रा ने लोकसभा की एथिक्स कमेटी की कार्यवाही के बारे में गलत विमर्श बनाने की कोशिश की. वकील जय अनंत देहाद्राई, कारोबारी दर्शन हीरानंदानी, आईटी मंत्रालय, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के साथ ही उनके द्वारा सौंपे गए सबूतों को देखते हुए कहा जा सकता है कि ‘दुनिया की कोई ताकत’ महुआ मोईत्रा को नहीं बचा सकती.
विपक्षी सदस्यों ने महुआ को बचाने के लिए आरोप लगाए
कमेटी के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने उनके खिलाफ आरोप लगाए, ताकि महुआ मोईत्रा के ‘अनैतिक आचरण’ के मामले में सवालों से तृणमूल कांग्रेस की सांसद को बचाया जा सके. रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों का सामना कर रहीं महुआ मोईत्रा ने बैठक से बाहर निकलने के बाद सोनकर के सवालों को ‘वीभत्स’ करार दिया, जबकि बीजेपी सांसद सोनकर ने कहा कि प्रश्न व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के उस हलफनामे से संबंधित थे, जिसमें उन्होंने मोईत्रा को रिश्वत देने और उनकी संसदीय लॉगिन आईडी का उपयोग करने की बात स्वीकार की थी.
चार घंटे से अधिक चली बैठक में जमकर लगे आरोप-प्रत्यारोप
समिति की चार घंटे से अधिक चली बैठक में तीखे शब्द और आरोप-प्रत्यारोप हुए. समिति अब अपनी सिफारिशें तैयार कर सकती है और अगली बैठक में एक मसौदा रिपोर्ट को स्वीकार सकती है . समिति की अगली बैठक की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है. सूत्रों ने कहा कि यह समिति महुआ मोईत्रा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है. सूत्रों ने बताया कि समिति में शामिल बीजेपी सांसदों ने पांच विपक्षी सांसदों के वॉकआउट के बाद विचार-विमर्श जारी रखा और समझा जाता है कि उन्होंने महुआ मोईत्रा के गुस्से वाले शब्दों और असहयोगात्मक रवैये को गंभीरता से लिया है. समिति में बीजेपी के 15 सदस्य हैं.
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बीजेपी सांसद का दावा- महुआ ने किया क्रोधित, दंभ भरा और अहंकारी व्यवहार
बीजेपी सांसद और एथिक्स कमेटी की सदस्य अपराजिता सारंगी ने कहा कि जब महुआ मोईत्रा से हीरानंदानी के हलफनामे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ‘क्रोधित, दंभ भरा और अहंकारी’ व्यवहार किया. वहीं, कांग्रेस के एन उत्तम कुमार रेड्डी, बीएसपी के दानिश अली और जदयू के गिरधारी यादव सहित विपक्षी सदस्यों ने सोनकर पर निशाना साधा. रेड्डी ने सोनकर पर किसी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया, जबकि अली ने ‘अशोभनीय और अनैतिक प्रश्नों’ को लेकर समिति के प्रमुख पर निशाना साधा.
निशिकांत दुबे पहले ही दे चुके हैं महुआ के खिलाफ सबूत
विपक्षी सदस्यों ने मोइत्रा की संसदीय आईडी और उनकी विदेश यात्रा में लॉग-इन के स्थान और समय सहित कई विवरण के बारे में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और गृह मंत्रालय द्वारा समिति को सौंपी गई रिपोर्ट के कथित लीक पर भी आपत्ति जताई. समिति ने इसकी जांच के लिए मंत्रालयों से मदद मांगी थी. उन्होंने दावा किया कि महुआ मोईत्रा के खिलाफ शिकायत करने वाले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पहले ही कुछ विवरण साझा कर चुके हैं. झारखंड के गोड्डा से तीसरी बार सांसद बने डॉ दुबे ने बुधवार को ‘मीडिया रिपोर्टों’ का हवाला दिया कि उनकी लॉगिन आईडी दुबई में हीरानंदानी के लोकेशन से 47 बार खोली गई थी और संसद में इतने ही प्रश्न पूछे गए थे. (एजेंसी इनपुट के साथ)
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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