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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी कहा, आपात स्थिति से निपटने के लिए NDMA को आगे करें

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी
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देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने कई राज्यों में खतरा सबसे ज्यादा बढ़ा दिया है. इस संक्रमण का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में देखा जा रहा है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को आदेश दे कि वो वह सभी जरूरी सुविधाओं का इस्तेमाल करे जिसमें मेडिकल ऑक्सजीन विशेष विमान के जरिये मंगवाना, आपात स्थिति में उन सारी सुविधाओं का इस्तेमाल करना शामिल है.इस महामारी से लड़ा जा सकता है.

उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में यह भी कहा है कि तुरंत जरूरी लाइसेंस दिया जाये ताकि रेमडेसिवर बना सकें और तुरंत बाजार में उपलब्ध करा सकें ताकि लोगों को परेशानी ना हो. महाराष्ट्र सरकार लंबे समय से ऑक्सीजन की कमी की परेशानी से लड़ रही है. महाराष्ट्र के कई जिलों में सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की बात सामने आ रही है. इसी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य ने केंद्र से अपील की है.

इस चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र की स्थिति का भी जिक्र किया है इसमें उन्होंने लिखा है. महाराष्ट्र में ताजा हालात को देखते हुए और लगातार बढ़ायी जा रही टेस्टिंग को ध्यान में रखकर यह कहा जा सकता है 30 अप्रैल तक यहां 11.9 लाख संक्रमित मामले होंगे हमारी सबसे बड़ी चिंता ऑक्सीजन को लेकर है, राज्य में ऑक्सीजन की डिमांड लगातार बढ़ रही है. हमें हर 2000 मेट्रिक टन ऑक्सीन की जरूरत होगी.

हम दूसरी जगहों से ऑक्सीजन लाकर अपनी जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रहगे हैं. कई बार ऑक्सीजन की कमी के लिए काफी दूरी तक और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है. उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री को लिखा है कि मैं आपसे अपील करता हूं कि इस मामले में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को आगे करें, इन जरूरी चीजों के लिए विशेष विमान का इस्तेमाल किया जाये और जल्द से जल्द इन्हें लाया जाये.

इस चिट्ठी मे उन्होंने रेमडेसिवर पर निर्यात के रोक के फैसले का स्वागत करते हुए लिखा, मैं आपसे अपील करता हूं कि इन्हें जरूरी लाइसेंस इंडियन पेटेंट एक्स 1970 के तहत धारा 92 के तहत दें जो इन्हें दवाई बनाने और खुदरा बाजार में बेचने की इजाजत देती है.

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