Lok Sabha Result 2024: पूर्व आईएएस और आईपीएस का कैसा रहा प्रदर्शन, किसी ने VRS, तो किसी ने नौकरी छोड़ लड़ा चुनाव

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 04 Jun 2024 8:45 PM

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Sasikanth Senthil

Lok Sabha Result 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में अबतक जो आंकड़े सामने आए हैं, उसमें 240 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. जबकि एनडीए को 290 सीटें मिलती दिख रही है.

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Lok Sabha Result 2024: लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 में प्रचंड़ जीत दर्ज करने वाली बीजेपी मौजूदा चुनाव में बहुमत के आंकड़े दूर रही. दूसरी ओर इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन शानदार रहा और 235 सीटों पर जीत दर्ज करती दिख रही है. इस चुनाव में कई आईएएस आईपीएस अधिकारियों ने भी अपनी किस्मत आजमाई. लेकिन एक को छोड़कर सभी को हार का सामना करना पड़ा. तो आइये उनके प्रदर्शन पर एक नजर डालें.

अरुप पटनायक (ओडिशा, पुरी)

ओडिश के पुरी लोकसभा सीट से अरुप पटनायक ने बीजू जनता दल की टिकट पर चुनाव लड़ा है. अरुप पटनायक 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं. पुरी से बीजेपी ने संबित पात्रा को मैदान में उतारा है. इस सीट पर संबित पात्रा शानदार जीत की आगे बढ़ रहे हैं. जबकि अरुप पटनायक को करारी हार का सामना करना पड़ा. अबतक जो आंकड़े सामने आये हैं, उसके अनुसार पात्रा को 629046 वोट मिले हैं, जबकि अरुप को 524352 वोट मिले.

आनंद मिश्रा (बिहार, बक्सर)

आनंद मिश्रा ने बक्सर से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा. हालांकि यहां से वो चौथे स्थान पर रहे. अबतक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आनंद मिश्रा को 44381 वो मिले हैं. उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए आईपीएस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें बीजेपी से टिकट मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और बीजेपी ने सीटिंग सांसद सह केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का टिकट काटकर मिथिलेश तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया. वैसे में आनंद मिश्रा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. बक्सर सीट से आरजेडी के सुधाकर सिंह जीत की ओर आगे बढ़ रहे हैं. अबतक उन्हें 411309 वोट मिले हैं.

मैथिली शरण गुप्त (मध्य प्रदेश, भोपाल)

्मैरथिली शरण गुप्त ने मध्य प्रदेश के भोपाल लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा. लेकिन उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा. मैथिली गुप्त रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं. लोकसभा चुनाव में उन्हें केवल 448 वोट मिले. उनका सामना कांग्रेस के उम्मीदवार अधिवक्ता अरुण श्रीवास्तव और बीजेपी के आलोक शर्मा से था. इस सीट से उन्होंने 981109 वोट लाकर जीत दर्ज की.

वेंकटराम रेड्डी (तेलंगाना, मेडक)

तेलंगाना की मेडक लोकसभा सीट से 44 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाया. जिसमें पूर्व आईएएस अधिकारी भी शामिल थे. मेडक से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पूर्व आईएएस अधिकारी वेंकटराम रेड्डी ने चुनाव लड़ा. हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा. रेड्डी तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें केवल 396790 वोट मिले. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था. इस सीट से बीजेपी के माधवनेनी रघुनंदन राव ने 471217 वोट लाकर जीत दर्ज की.

डॉ आरएस प्रवीण कुमार (तेलंगाना, नगरकुर्नूल)

तेलंगाना की नगरकुर्नूल सीट से पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ आरएस प्रवीण कुमार ने लोकसभा का चुनाव लड़ा. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की टिकट पर उन्होंने अपनी किस्मत आजमा. हालांकि उन्हें करारी हार का सामना पड़ा. प्रवीण कुमार तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें कुल 321343 मिले. इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार डॉ मल्लू रवि जीत की ओर अग्रसर हैं. अबतक उन्हें 465072 वोट मिले हैं.

शशिकांत सेंथिल (तमिलनाडु, तिरुवल्लूर)

तमिलनाडु की तिरुवल्लूर सीट से कांग्रेस ने शशिकांत सेंथिल को चुनावी मैदान में उतारा. शशिकांत सेंथिल कर्नाटक कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने 2019 में अपने पद से इस्तीफा दिया था. इस सीट से सेंथिल जीत की राह में अग्रसर हैं. अबतक उन्हें 785768 वोट मिले हैं. उन्होंने नल्लथम्बी, के को हराया.

परमपाल कौर सिद्धू (पंजाब, बठिंडा )

बीजेपी ने पंजाब के बठिंडा लोकसभा सीट से परमपाल कौर सिद्धू को अपना उम्मीदवार बनाया. कौर ने हाल ही में बीजेपी का दामन थामा था. परमपाल कौर सिद्धू पूर्व आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने वीआरएस लेकर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस सीट पर अकाली दल की उम्मीदवार हरसिमरत कौर बादल ने 376558 वोट के साथ शानदार जीत दर्ज की.

के अन्नामलाई (तमिलनाडु)

तमिलनाडु लोकसभा सीट से बीजेपी ने के अन्नामलाई को चुनावी मैदान में उतारा. लेकिन उन्हें यहां से निराशा हाथ लगी और चुनाव हार गए. इस सीट पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के उम्मीदवार गणपति राजकुमार पी को जीत मिली. के अन्नामलाई पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने 2019 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद 2020 में भाजपा में शामिल हो गए. के अन्नामलाई तमिलनाडु में बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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