जोशीमठ की तरह जम्मू-कश्मीर के डोडा में भी आ रहीं दरारें, सता रहा जमींदोज होने का खतरा
Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Feb 2023 6:48 AM
उत्तराखंड के जोशीमठ की तरह जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले में कई घरों में दरारें आ गई हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग के भूवैज्ञानिक ने भी जायजा लेने के लिए बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थित पर नजर बनाए हुए है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की योजना बनाई जाने की बात हो रही है.
उत्तराखंड के जोशीमठ की तरह जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले में कई घरों में दरारें आ गई हैं. डोडा के डीएम अतहर अमीन जरगर ने बताया कि दिसंबर में एक घर में दरार की सूचना मिली थी. कल तक 6 इमारतों में दरारें आ गई थीं, लेकिन अब ये दरारें बढ़ने लगी हैं. यह क्षेत्र धीरे-धीरे डूब रहा है. सरकार जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोशिश कर रही है.
जम्मू कश्मीर के डोडा में हालत बिगड़ रही हैं. घरों में दरारें पड़ती जा रही हैं. डोडा के डीएम अतहर अमीन जरगर ने बताया कि बीती रात स्थिति गंभीर हो गई थी. अभी तक 19 घर, एक मस्जिद और एक मदरसे को खाली किया जा चुका है. इस इलाके में रेड अलर्ट जारी किया है. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण को एक रिपोर्ट भेजी गई है, वे आगे की जांच करेंगे. अगर समस्या बढ़ेगी तो और घरों को खाली कराया जाएगा.
बीती रात स्थिति गंभीर हो गई थी। अभी तक 19 घर, एक मस्जिद और एक मदरसे को खाली किया जा चुका है।इस इलाके में रेड अलर्ट जारी किया है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण को एक रिपोर्ट भेजी गई है, वे आगे की जांच करेंगे। अगर समस्या बढ़ेगी तो और घरों को खाली कराया जाएगा: अतहर अमीन ज़रगर,DM,डोडा https://t.co/CipoXZ6otC pic.twitter.com/sxZprfT8kZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 3, 2023
टीम कर रही है जांच: वहीं, घटना को लेकर डोडा के डीएम अतहर अमीन जरगर ने बताया कि प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेने के लिए एक टीम गठित कर रहा है. राष्ट्रीय राजमार्ग के भूवैज्ञानिक ने भी जायजा लेने के लिए बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थित पर नजर बनाए हुए है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की योजना बनाई जाएगी. वहीं, उन्होंने कहा कि स्थित को देखते हुए सरकार समाधान तलाशने में जुटी है.
उत्तराखंड में मची है तबाही: गौरतलब है कि इससे पहले उत्तराखंड के जोशीमठ में सैकड़ों घरों में दरार आने लगी थी. घरों में दरारें आने के बाद एक बड़े इलाके को खाली करा दिया गया है. जोशीमठ में अब तक 849 घरों में दरारें आ चुकी हैं. इनमें से 181 घर डेंजर जोन में हैं. इससे पहले जोशीमठ में बने दो होटलों को भी गिरा दिया गया था. बता दें, उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसान का खतरा लगातार बना हुआ है.
ब्रिटेन में भी मच सकती है तबाही: भारत से इतर ब्रिटेन में भी जोशीमठ की तरह तबाही मच सकती है. एक रिपोर्ट में इस बात को कहा गया है कि तटीय कटाव के कारण ब्रिटेन के कोस्टल इलाके में बने कई घर समुद्र में समा सकते हैं. इंग्लैंड के कॉर्नवाल, कुम्ब्रिया, डोरसेट, ईस्ट यॉर्कशायर, एसेक्स, केंट, आइल ऑफ वाइट, नॉर्थम्बरलैंड, नॉरफॉक और ससेक्स इलाके में बने घर सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन में इस सदी के अंत तक 584 मिलियन पाउंड मूल्य के सैकड़ों घरों पर समुद्र में समाने का खतरा मंडरा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










