कुलगाम आतंकी हमला: आतंकवादियों ने जाति और समुदाय पूछकर मजदूरों को उतारा मौत के घाट

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मृतक दीपक रात्रे के चाचा हलधर रात्रे मीडिया से बात करते हुए, फोटो ANI

मृतक दीपक रात्रे के चाचा हलधर रात्रे मीडिया से बात करते हुए, फोटो ANI

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में पहलगाम जैसा आतंकवादी हमला हुआ. आतंकवादियों ने रोजगार की तलाश में कश्मीर गए छत्तीसगढ़ के दो बेकसूर प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया. दहशतगर्दों ने गोली मारने से पहले दोनों मजदूरों से उनकी जाति और समुदाय के बारे में पूछताछ की और फिर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. मजदूरों की हत्या के बाद से छत्तीसगढ़ के उनके पैतृक गांवों में भारी आक्रोश और शोक की लहर है.

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मृतकों की पहचान जांजगीर-चावल/बलोदा बाजार इलाके के बुंदेली गांव के रहने वाले दीपक रात्रे (24) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुइया गांव निवासी भूपेंद्र भैना (28) के रूप में हुई है. दोनों युवा अपनी गरीबी और तंगहाली से बाहर निकलने का सपना लेकर कुछ महीने पहले दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने पहुंचे थे.

दीपक रात्रे के चाचा हलधर रात्रे ने किया खुलासा

दीपक रात्रे के चाचा हलधर रात्रे ने इस खौफनाक वारदात के बारे में बात करते हुए खुलासा किया. उन्होंने बताया, "दीपक वहां छह महीने से ज्यादा समय से काम कर रहा था. 31 जुलाई की रात, आधी रात के आसपास हमें पुलिस से सूचना मिली कि दीपक आतंकी हमले में घायल हो गया है, जिसकी पुष्टि बाद में हुई. आतंकियों ने उन्हें गोली मारने से पहले उनकी जाति और समुदाय के बारे में पूछा था."


परिजनों ने कड़े कार्रवाई की मांग की

परिजन इस कायराना हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं और सरकार से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी अमानवीय घटनाएं दोबारा न दोहराई जा सकें.

बिखर गया परिवारों का संसार

आतंकवादियों की इस क्रूरता ने दोनों परिवारों का सब कुछ छीन लिया है.

  • दीपक रात्रे अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सहारा था. उसके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था. दीपक अपने पीछे अपनी पत्नी, चार महीने का मासूम बेटा और एक दिव्यांग भाई को रोता-बिलखता छोड़ गया है.
  • भूपेंद्र भैना भी तीन-चार महीने पहले अपनी पत्नी के साथ कश्मीर गया था. उसके माता-पिता और छोटा भाई रोजी-रोटी के लिए हिमाचल प्रदेश में ईंट-भट्टे पर काम करते हैं, जबकि उनका चार साल का बेटा घर पर बुजुर्ग दादी और नाबालिग बहन के पास है. प्रशासनिक अधिकारियों ने हालात की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल घर की बुजुर्ग महिलाओं को इस खौफनाक सच से दूर रखा है.

प्रशासन और सरकार सख्त, शव लाने के प्रयास जारी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है. कुलगाम पुलिस और छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर दोनों मजदूरों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांवों (बुंदेली और छुइया) तक सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आतंकवादी हमले की निंदा की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले की निंदा की है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मजदूरों की इस प्रकार की हत्या बेहद दुखद है. राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और शोकाकुल परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

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बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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