अरविंद केजरीवाल का बीजेपी पर वार- अमेरिका के दबाव में E20 नीति लागू की गई

Updated:
विज्ञापन

AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ( स्रोत- पीटीआई )

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 नीति पर केंद्र सरकार को घेरते हुए अमेरिकी दबाव का आरोप लगाया है. उन्होंने जनता की तीन प्रमुख मांगें रखी हैं और इथेनॉल नीति के फायदे पर भी सवाल उठाए हैं.

विज्ञापन

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार ( 1 अगस्त ) को आयोजित एक कार्यक्रम में E20 नीति पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अमेरिका के दबाव में पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण कर रही है. केजरीवाल ने दावा किया है कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा इथेनॉल प्रोड्यूसर देश है और इंडिया ने कुछ महीने पहले अमेरिका के साथ ट्रेड डील साइन की थी, जिसमें यह क्लाज था कि अगले 5 सालों में इंडिया अमेरिका 100 बिलियन डॉलर का सामान खरीदेगा.

विज्ञापन

E20 सस्ता हो, पेट्रोल 84 रुपये से नीचे मिले

अरविंद केजरीवाल ने AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सरकार के सामने जनता की तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. पहली, पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का ईंधन चुनने का अधिकार मिलना चाहिए. जो लोग E20 पेट्रोल लेना चाहते हैं, उन्हें वह मिले और जो शुद्ध पेट्रोल चाहते हैं, उन्हें भी वही उपलब्ध कराया जाए. दूसरी मांग यह है कि E20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए. वहीं तीसरी मांग के तहत उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, इसलिए देश में पेट्रोल की खुदरा कीमत घटाकर 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाई जानी चाहिए. उनका दावा है कि जनता महंगे ईंधन का बोझ उठा रही है.

अरविंद केजरीवाल ने US और इंडिया के ट्रेड डील का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस साल अमेरिका से 250 बिलियन का इथेनॉल खरीदेगी.

इथेनॉल के फायदे पर उठाए सवाल

AAP प्रमुख केजरीवाल ने कहा कि यदि इथेनॉल वास्तव में किसी भी दृष्टि से लाभकारी नहीं है तो इसे पूरे देश में बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल से वाहन कम माइलेज देते हैं, इसकी कीमत भी अधिक पड़ती है और किसानों को भी इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा. उन्होंने यह भी कहा कि इथेनॉल संयंत्रों के आसपास भूजल प्रदूषण की शिकायतें सामने आती रही हैं.

केंद्र से पूछा- आखिर क्या है सरकार की मजबूरी?

केजरीवाल ने मोदी सरकार पर भ्रामक आंकड़ों के आधार पर इथेनॉल नीति लागू करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किस वजह से लोगों की इच्छा के खिलाफ इस नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि उनके अध्ययन के अनुसार यह नीति अमेरिका के दबाव में लागू की जा रही है. हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.

यह भी पढें- E20 पेट्रोल के खिलाफ प्रदर्शन: तहसीन पूनावाला का दावा, भूख हड़ताल करने से पहले किया गया हाउस अरेस्ट


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola