Kisan Yojna : खेत पर काम करते हुए किसान को चोट लगने पर सरकार देती है इतने पैसे
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 01 Dec 2025 10:48 AM
मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना (File Photo)
Kisan Yojna : राजस्थान सरकार किसानों को लेकर कई तरह की योजना चलाती है. एक योजना मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना है जिसके बारे में किसानों को जरूर जानना चाहिए.
Kisan Yojna : मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना राजस्थान सरकार किसानों के लिए चलाती है. इस योजना के तहत किसानों के परिवार को आर्थिक सहायता सरकार की ओर से दी जाती है. इस योजना का उद्देश्य किसान, खेत मजदूर और मंडी श्रमिकों को कृषि कार्य के दौरान दुर्घटना से मृत्यु या किसी अंग को नुकसान पहुंचने पर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है.
किसान की मौत होने पर आश्रितों को 2,00,000 रुपये
कृषि या मंडी परिसर में काम करते समय दुर्घटना होने पर किसानों, खेत मजदूरों और मंडी श्रमिकों को अलग-अलग स्थितियों में आर्थिक सहायता दी जाती है. इस दौरान मृत्यु होने पर आश्रितों को 2,00,000 रुपये मिलते हैं. वहीं, दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंख जैसे दो अंग को नुकसान पहुंचने पर 50,000 रुपये दिए जाते हैं. इसके अलावा रीढ़ की हड्डी टूटने, सिर में गंभीर चोट लगने या कोमा की स्थिति में भी 50,000 रुपये की सहायता सरकार की ओर से दी जाती है.
सिर के बाल पूरी तरह उखड़ने पर भी सरकार करती है मदद
इसके अलावा पुरुष या महिला के सिर के बाल पूरी तरह उखड़ने (डी-स्केल्पिंग) पर 40,000 रुपये, और आंशिक डी-स्केल्पिंग पर 25,000 रुपये दिए जाते हैं. एक अंग जैसे हाथ, पैर या आंख के नुकसान पर 25,000 रुपये मिलते हैं. चार उंगलियां कटने पर 20,000 रुपये, तीन पर 15,000, दो पर 10,000 और एक उंगली कटने पर 5,000 रुपये सहायता मिलती है. मंडी में काम करते समय फ्रैक्चर होने पर 10,000 रुपये, एक अंडकोष क्षतिग्रस्त होने पर 25,000 रुपये और दोनों अंडकोष क्षतिग्रस्त होने पर 40,000 रुपये सहायता दिया जाता है.
योजना के लिए पात्र कौन हो सकता है
राज्य के किसान, खेतीहर मजदूर और मंडी समिति से लाइसेंस प्राप्त श्रमिक इस योजना के पात्र लाभार्थी माने जाते हैं. आवेदन संबंधित मंडी समिति में या जनआधार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है.
ज्यादा जानकारी के लिए इस पोर्टल पर जाएं: https://rajkisan.rajasthan.gov.in/Rajkisanweb/Kisan#
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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