Kisan andolan- पानी का विवाद छोड़कर एक हो गये तीन राज्यों के किसान

Author : संवाद न्यूज Published by : Prabhat Khabar Updated At : 07 Dec 2020 3:18 PM

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सोनीपत. कृषि कानून के खिलाफ किसानों की भले ही केन्द्र सरकार से न बन रही हो लेकिन इन तीन राज्यों के किसानों ने आपस में भाईचारे की जो मिसाल पेश की है वो देखने लायक है. पंजाब और हरियाणा के बीच सालों से पानी को लेकर विवाद छिड़ा रहा.

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सोनीपत. कृषि कानून के खिलाफ किसानों की भले ही केन्द्र सरकार से न बन रही हो लेकिन इन तीन राज्यों के किसानों ने आपस में भाईचारे की जो मिसाल पेश की है वो देखने लायक है. पंजाब और हरियाणा के बीच सालों से पानी को लेकर विवाद छिड़ा रहा. दोनों राज्यों के किसान आमने-सामने आ गए.

वहीं जमीनी विवाद को लेकर हरियाणा और यूपी के किसानों के बीच भी सालों से विवाद चलता आ रहा है. 50 साल में पहली बार पुराने विवादों को छोड़कर पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसान एक साथ किसी आंदोलन में खड़े दिख रहे हैं. तीनों राज्यों के किसानों के बीच इस कदर भाईचारा दिख रहा है कि वह एक साथ खुले आसमान के नीचे साथ-साथ खाना खा रहे हैं और विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं.

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पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के बंटबारे को लेकर पिछले 45 सालों से विवाद चला आ रहा है. 1966 में हरियाणा के अलग प्रदेश बनने के साथ ही इसका पंजाब से पानी को लेकर विवाद भी शुरू हो गया. पानी के विवाद को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच काफी राजनीति हुई. कई-कई दिनों तक आंदोलन हुए.

हरियाणा के किसानों ने पंजाब के रास्ते तक बंद कर दिए. हरियाणा और यूपी के बीच भी पिछले 50 सालों से यमुना के किनारे बसे 50 से ज्यादा गांवों के बीच जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है. कई बार दोनों राज्यों के किसान आमने-सामने आए. 1970 से शुरू हुए इस विवाद को निपटाने के लिए केन्द्र सरकार को भी दखल देना पड़ा. विवाद को निपटाने के लिए 1974-75 में दोनों प्रदेश की जमीन पर पिलर लगवाकर सीमांकन किया गया था बावजूद इसके अभी तक विवाद खत्म नहीं हुआ.

यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसान एक साथ भाईचारे के साथ बैठे हो, सभी एकमत हैं. किसानों का कहना है कि उन्हें फिलहाल पुराने विवादों से कोई मतलब नहीं है वह नए कृषि कानून के खिलाफ इकट्ठा हुए हैं. इनमें आपसी भाईचारा इस कदर है कि सिंधु बार्डर पर पंजाब के किसानों के लिए जरूरत का सामान हरियाणा के किसान लेकर आ रहे हैं.

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कल तक जो एक दूसरे का विरोध करते थे आज वो साथ बैठकर खाना खा रहे हैं. हरियाणा के किसान नाहर सिंह का कहना है कि पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसानों के बीच भाईचारा बना हुआ है. सभी किसान पूरे दिन साथ रहते हैं और साथ बैठकर खाते हैं. पंजाब के मोहाली जिले के किसान अतवार सिंह कहते हैं कि आंदोलन में पंजाब के अलावा हरियाणा और यूपी के किसान भी भारी संख्या में पहुंच रहे हैं. तीनों राज्यों के किसानों में आपस में खूब प्रेम व भाईचारा है.

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