Kisan Andolan Latest News : गृह मंत्रालय ने सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर के आस-पास इंटरनेट सेवा किया बंद

Ghaziabad: Farmers shout slogans during their protest against the new farm laws, at Ghazipur Delhi-UP border in Ghaziabad, Thursday, Dec. 31, 2020. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI12_31_2020_000049A)
farmers Tractor Rally Violence, internet services suspended, Kisan Andolan Latest News, delhi violence केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों को विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता ही जा रहा है. पिछले दो महीनों से भी अधिक समय से हजारों किसान दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर जमे हुए हैं. इधर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद यूपी बॉर्डरों पर प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है, तो दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने टिकरी, गाजीपुर और सिंघू बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा बंद कर दिया है.
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों को विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता ही जा रहा है. पिछले दो महीनों से भी अधिक समय से हजारों किसान दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर जमे हुए हैं. इधर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद यूपी बॉर्डरों पर प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है, तो दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने टिकरी, गाजीपुर और सिंघू बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा बंद कर दिया है.
अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की तीन सीमाओं के अलावा इनसे लगे इलाकों में भी 29 जनवरी रात 11 बजे से 31 जनवरी रात 11 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी. इससे पहले भी 26 जनवरी को भी दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई थीं. गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा की घटना होने पर यह कदम उठाया गया था. सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर के आस-पास इंटरनेट सेवा बंद करने से जुड़ी हर Latest News in Hindi से अपडेट रहने के लिए बने रहें हमारे साथ.
26 जनवरी को हुई दिल्ली में हिंसा को लेकर पुलिस लगातार जांच में जुटी है और दूसरी ओर किसानों का आंदोलन और उग्र होता जा रहा है. राकेश टिकैत ने दो दिनों पहले गाजीपुर बॉर्डर से हटने के लिए साफ इनकार कर दिया और उस दौरान वो रोये भी. जिसके बाद जो किसान आंदोलन छोड़कर घर लौट गये थे, वो भी दोबारा आंदोलन में कूद पड़े हैं, जिसके बाद किसान आंदोलन में एक बार फिर से जोश देखा जा रहा है.
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मालूम हो केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान नेता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को ‘सदभावना दिवस’ के रूप में मना रहे हैं और विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर उन्होंने एक दिन का उपवास रखा गया.
गौरतलब है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड में हिंसा के लिए दिल्ली पुलिस जहां किसान नेताओं को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं किसानों ने इसके पीछे सरकार की साजिश बताया है. विपक्ष ने भी हिंसा के लिए सरकार को ही जिम्मेदार ठहराया है. किसान नेताओं ने भाजपा और केंद्र सरकार की निंदा करते हुए आरोप लगाया था कि वह ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन को ‘नष्ट’ करने की कोशिश कर रही है.
मालूम हो दिल्ली हिंसा में 400 के करीब पुलिसकर्मी घायल हुए थे और एक किसान की मौत हुई थी. हिंसा में भारी नुकसान भी हुआ है. हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव और मेधा पाटकर समेत 37 किसान नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया और उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है. प्राथमिकी में उनके खिलाफ हत्या की कोशिश, दंगा और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं. प्राथमिकी में दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, कुलवंत सिंह संधू, सतनाम सिंह पन्नू, जोगिंदर सिंह उगराहां, सुरजीत सिंह फूल, जगजीत सिंह दालेवाल, बलबीर सिंह राजेवाल और हरिंदर सिंह लखोवाल के नाम हैं.
Posted By – Arbind kumar mishra
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