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JNU Slogan Row : पीएम मोदी और अमित शाह का नाम…,जेएनयू में विवादास्पद नारेबाजी पर बवाल

Updated at : 06 Jan 2026 12:46 PM (IST)
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JNU Slogan Row

जेएनयू नारा विवाद (Photo: X)

JNU Slogan Row : उमर खालिद पर सुप्रीम कोर्ट में आए फैसले के बाद जेएनयू छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे लगाए. यह मामला गरमाता जा रहा है.

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JNU Slogan Row : सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किए जाने के बाद जेएनयू के कुछ छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. सोमवार रात हुए इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की. कथित वीडियो में दोनों नेताओं की निंदा करते हुए नारे लगाए जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. मामला गरमाता जा रहा है और कई नेता इसपर रिएक्शन दे रहे हैं.

जेएनयू परिसर में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में न्यायिक प्रक्रिया है और उसी के अनुसार फैसले होते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की नारेबाजी को देश स्वीकार नहीं करेगा.

उन्होंने कहा कि हम उन सभी लोगों पर नजर रख रहे हैं जो देश के खिलाफ गतिविधियों में लगे हैं और पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. अगर किसी को लगता है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाने से उन्हें कोई छूट मिलेगी, तो उन्हें समझ लेना चाहिए कि कानून उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा.

नारों के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली पुलिस को

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि छात्र पांच जनवरी, 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए हर साल विरोध प्रदर्शन करते हैं. मिश्रा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और वे किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं थे. वे किसी को लक्ष्य करके नहीं लगाए गए थे. इस बीच, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि नारों के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है.

यह भी पढ़ें : जेएनयू में रावण दहन के दौरान विवाद, पुतले पर उमर खालिद और शरजील की फोटो लगाने पर बवाल

साल 2020 में हिंसा भड़क गई थी जेएनयू परिसर में

जेएनयू परिसर में पांच जनवरी, 2020 को उस समय हिंसा भड़क गई थी जब नकाबपोश लोगों की एक भीड़ ने परिसर में घुसकर तीन छात्रावासों में छात्रों को निशाना बनाया था और लाठियों, पत्थरों एवं लोहे की छड़ों से हमला कर खिड़कियां, फर्नीचर और निजी सामान तोड़ दिए. परिसर में करीब दो घंटे तक अराजकता का माहौल रहा और इस दौरान जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हो गए थे. परिसर में भीड़ के हिंसा करने के दौरान कार्रवाई न करने और परिसर में तोड़फोड़ से संबंधित दो प्राथमिकियों में घोष समेत छात्र संघ के नेताओं का नाम शामिल करने को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना हुई थी.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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