Job Layoffs: अमेरिका में रह रहे आईटी प्रोफेशनल्स को 60 दिनों में खोजनी पड़ेगी नौकरी, वर्ना भारत आना पड़ेगा वापस

Job Layoffs: सभी आईटी प्रोफेशनल्स H-1B वर्क वीजा पर अमेरिका गए हुए नौकरी खोने की स्थिति में उन्हें 60 दिनों के अंदर नयी नौकरी तलाशनी होगी तभी उनके वीजा की अवधि बढ़ सकती है. लेकिन, अगर वे ऐसा करने में असफल होते हैं तो 70वें दिन उन्हें अमेरिका छोड़कर भारत वापस आना पड़ेगा
Job Layoffs: अभी हाल के दिनों में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों में बड़े पैमाने में छंटनी के बाद अमेरिका में दो लाख से अधिक भारतीय IT प्रोफेशनल्स बेरोजगार हो गए हैं. आलम यह है कि फिलहाल उनके पास नौकरी नहीं है और उनके 60 दिनों के अंदर नयी नौकरी तलाशनी होगी अन्यथा उन्हें 70वें दिन भारत लौट आना होगा. इसका कारण यह है कि यह सभी आईटी प्रोफेशनल्स H-1B वर्क वीजा पर अमेरिका गए हुए नौकरी खोने की स्थिति में उन्हें 60 दिनों के अंदर नयी नौकरी तलाशनी होगी तभी उनके वीजा की अवधि बढ़ सकती है. इस लिहाज से देखन जाये तो नौकरी की तलाश में अमेरिका गए लाखो आईटी प्रोफेशनल्स से सामने रोजगार और निवास का संकट खड़ा है.
अमेरिका में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी कंपनियों में हाल में हुई छंटनी के बाद बेरोजगार हो चुके सूचना आईटी क्षेत्र के हजारों भारतीय पेशेवर अब इस देश में रहने के लिए अपने कामकाजी वीजा के तहत निर्धारित अवधि के भीतर नया रोजगार पाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ के मुताबिक पिछले वर्ष नवंबर से आईटी क्षेत्र के करीब 2,00,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है, जिनमें रिकॉर्ड संख्या में कटौती करने वाली कंपनियों में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और अमेजन हैं.
उद्योग के सूत्रों ने बताया कि नौकरियों से निकाले गए लोगों में से 30 से 40 प्रतिशत भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स हैं जिनमें से बड़ी संख्या H-1B या L1वीजा पर यहां आए लोगों की है. अब ये लोग अमेरिका में बने रहने के लिए विकल्प की खोज में हैं और नौकरी जाने के बाद विदेशी कामकाजी वीजा के तहत मिलने वाले कुछ महीनों की निर्धारित अवधि में नया रोजगार तलाशने के लिए संघर्ष कर रहे हैं ताकि अपनी वीजा स्थिति को भी बदल सकें.
अमेजन में काम करने के लिए गीता (नाम परिवर्तित) महज तीन महीने पहले यहां आई थी. इस सप्ताह उन्हें बताया गया कि 20 मार्च उनके कार्यकाल का अंतिम दिन होगा. एच-1बी वीजा पर अमेरिका आई एक अन्य आईटी पेशेवर को माइक्रोसॉफ्ट ने 18 जनवरी को बाहर का रास्ता दिखा दिया. वह कहती हैं- स्थिति बहुत खराब है. जो लोग H-1B वीजा पर यहां आए हैं उनके लिए तो स्थिति और भी विकट है क्योंकि, उन्हें 60 दिन के भीतर नई नौकरी ढूंढ़नी होगी या फिर भारत लौटना होगा.
सिलिकॉन वैली में उद्यमी और सामुदायिक नेता अजय जैन भूतोड़िया ने कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र के हजारों कर्मचारियों को नौकरियों से निकाला जा रहा है, विशेषकर H-1B वीजा पर आए लोगों के लिए तो चुनौतियां और भी बड़ी हैं क्योंकि, उन्हें नौकरी जाने के 60 दिन के भीतर नया रोजगार खोजना है और अपना वीजा स्थानांतरित करवाना है या फिर देश से जाने के लिए मजबूर होना होगा.
ग्लोबल इंडियन टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स एसोसिएशन (जीआईटीपीआरओ) और फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (एफआईआईडीएस) ने इन आईटी प्रोफेशनल्स की मदद करने के लिए एक सामुदायिक पहल शुरू की. एफआईआईडीएस के खांडेराव कंद ने कहा- प्रौद्योगिकी उद्योग में बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती के कारण जनवरी 2023 प्रौद्योगिकी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए बहुत कठिन रहा है. कई प्रतिभाशाली लोगों की नौकरी चली गई. प्रौद्योगिकी उद्योग में भारतीय प्रवासियों की संख्या अच्छी खासी होने की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित भी वे ही हुए हैं. H-1B वीजा धारकों को नौकरी जाने के बाद 60 दिन के भीतर H-1B प्रायोजित नौकरी खोजनी होती है या फिर दर्जा खत्म हो जाने के दस दिन के भीतर देश छोड़ना होता है. (भाषा इनपुट के साथ)
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