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Internal Security: आतंक से जुड़ी जानकारी अब नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम पर

गृह मंत्रालय ने हाल के वर्षों में कई तरह के डेटा सृजित किए हैं, लेकिन अब तक वे सिलोस में यानी अलग-अलग थे. अब हम इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास किया गया है.

Internal Security: मौजूदा समय में आतंकवाद के बदलते तरीके से निपटने के लिए डेटा का महत्व काफी बढ़ गया है. पिछले कुछ साल से डेटा जेनरेट कर उसे व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने का काम किया गया है. इस काम में नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम(एनआईडीएमएस) का अहम योगदान होगा. देश में होने वाली सभी तरह की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण करने में मदद करेगा और यह आतंकवाद के खिलाफ नेक्स्ट जनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा.

शुक्रवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन करते हुए कहा कि गृह मंत्रालय ने हाल के वर्षों में कई तरह के डेटा सृजित किए हैं, लेकिन अब तक वे सिलोस में यानी अलग-अलग थे. अब इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास किया गया है.  

एनआईडीएमएस की यह पहल इसे गति प्रदान करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी. इस दौरान केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, एनएसजी के महानिदेशक, केंद्रीय अर्धसैनिक पुलिस बलों के महानिदेशक और राज्यों के पुलिस महानिदेशक मौजूद रहे. गृह मंत्री ने कहा कि एनआईडीएमएस से एनआईए, देशभर की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड(एटीएस), राज्यों की पुलिस और सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यह प्लेटफार्म दो-तरफा (टू-वे) होगा और इसमें किसी भी स्थान पर हुए विस्फोट संबंधी घटना का डेटा शामिल होगा. 

आतंकी घटनाओं की जांच को मिलेगी गति

गृह मंत्री ने कहा कि डेटा का उपयोग करके हर राज्य जांच के दौरान सहायता करने में मदद करेगी. एनआईडीएमएस आतंकी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में कारगर साबित होगा. एनएसजी के पास जो डेटाबेस उपलब्ध है, उसमें 1999 से लेकर अब तक सभी बम विस्फोटों से संबंधित डेटा संग्रहीत है. एनआईडीएमएस के जरिये से यह डेटा अब देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध होगा. एनआईडीएमएस देश में अब तक हुए बम विस्फोटों के पैटर्न, मोडस ऑपरेंडी और इस्तेमाल हुए विस्फोटकों का सटीक विश्लेषण करने का मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा. इससे घटनाओं की आपसी जुड़ाव और सर्किट पद्धति के आधार पर कारणों को समझने में मदद मिलेगी. 

अमित शाह ने कहा कि एनआईडीएमएस एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिये देशभर की बम विस्फोट संबंधी घटनाओं का संगठित तौर पर सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा. यह प्लेटफॉर्म आईईडी संबंधित डेटा को संकलित, मानकीकृत, संयोजित और सुरक्षित तरीके से साझा करने की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करेगा. एनआईडीएमएस जांच एजेंसियों और एंटी टेरर संगठनों के लिए अलग-अलग केस फाइलों में बिखरे डेटा का सिंगल क्लिक एक्सेस विंडो होगा और इससे केंद्र और राज्यों की जांच एजेंसियों, आतंकवाद-निरोधक संगठनों और सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को डेटा तत्काल उपलब्ध होगा. 

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