समुद्र में भी ड्रैगन की खैर नहीं, चीन के मंसूबे रह जाएंगे धरे के धरे, नौसेना में शामिल हुआ INS मोरमुगाओ

Published by : Pritish Sahay Updated At : 18 Dec 2022 12:22 PM

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हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेश निर्मित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मोरमुगाओ को नौसेना को सौंप दिया. यह युद्धपोत दूर संवेदी उपकरणों, आधुनिक रडार और सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली घातक मिसाइल जैसी हथियार प्रणालियों से लैस है.

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INS Mormugao: भारत से दुश्मनी चीन और पाकिस्तान को अब बहुत महंगी पड़ने वाली है. क्योंकि दोनों दुश्मनों के नापाक मंसूबों को भारत गर्त में भेज सकता है. जमीन और हवा के अलावा अब पानी में भी भारत चीन और पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यानी रविवार को स्वदेश निर्मित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मोरमुगाओ को भारतीय नौसेना में शामिल कर दिया है. मोरमुगाओ हिन्द महासागर में चीन की मौजूदगी को न सिर्फ कड़ी टक्कर देगा बल्कि जरूरत पड़ने पर ड्रैगन के खतरनाक मंसूबों को भी जल समाधि दे देगा.

आईएनएस मोरमुगाओ के कमीशनिंग समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए. भारत को हिन्द महासागर में चीन चुनौती देता रहता है ऐसे में आईएनएस मोरमुगाओ के नौसेना में शामिल हो जाने से चीन भी खौफ में है.

खतरनाक उपकरणों से लैस है युद्धपोत: हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी के बीच अपनी समुद्री क्षमता को बढ़ावा देने के लिए स्वदेश निर्मित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मोरमुगाओ  को नौसेना में शामिल होकर भारतीय नौसेना की ताकत में कई गुणा इजाफा कर दिया है. भारतीय नौसेना के मुताबिक, यह युद्धपोत दूर संवेदी उपकरणों, आधुनिक रडार और सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली घातक मिसाइल जैसी हथियार प्रणालियों से लैस है.

सबसे घातक स्वदेशी युद्धपोत: यह दुश्मनों के रडार को भी चकमा देने में पूरी तरह सक्षम है. यह 300 किमी दूर के टारगेट को बड़ी आसानी से भेद सकता है. यह युद्धपोत बराक और ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है. नौसेना ने बताया कि इस युद्धपोत की लंबाई 163 मीटर, चौड़ाई 17 मीटर तथा वजन 7,400 टन है. इसे भारत द्वारा निर्मित सबसे घातक युद्धपोतों में गिना जा सकता है.

और क्या है खूबी: मोरमुगाओ पोत को चार शक्तिशाली गैस टर्बाइन गति देता है. युद्धपोत 30 समुद्री मील से अधिक की गति प्राप्त करने में सक्षम है. नौसेना ने कहा कि पोत की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को देश में ही विकसित किया गया है तथा पोत में रॉकेट लॉन्चर, टारपीडो लॉन्चर और एसएडब्लू हेलीकॉप्टर की व्यवस्था है. पोत आणविक, जैविक और रासायनिक युद्ध परिस्थितियों के दौरान लड़ने में भी सक्षम है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुंबई में नौसेना को सौंपेंगे युद्धपोत: भारत में बना यह युद्धपोत दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में काफी है. इसका नाम पश्चिमी तट पर स्थित गोवा बंदरगाह शहर के नाम पर मोरमुगाओ नाम रखा गया है. वहीं, चार विशाखापत्तनम श्रेणी के विध्वंसकों में से दूसरे विध्वंसक को नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया जायेगा. इसकी डिजाइन भारतीय नौसेना के स्वदेशी संगठन ने तैयार की है तथा निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने किया है.

भाषा इनपुट के साथ

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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